पटना के चर्चित ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के संचालक रौशन आनंद को अदालत ने जमानत दे दी है। वह खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए पथराव और हंगामे के मामले में वे पिछले 12 दिनों से बेउर जेल में बंद थे। घटना राजधानी के मुसल्लहपुर हाट की है।
कोर्ट ने कहा – समाज का मार्गदर्शन कीजिए
पटना के अतिरिक्त जिला जज की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रौशन आनंद की जमानत याचिका मंजूर कर ली। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि दोनों ही शिक्षक हैं और समाज का मार्गदर्शन करते हैं। उन्हें आपस में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रखनी चाहिए, न कि किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त होना चाहिए। अदालत ने कड़े लहजे में हिदायत देते हुए कहा कि आप गुरु हैं, तो गुरु की तरह ही व्यवहार करें। रौशन आनंद के वरिष्ठ अधिवक्ता रमाकांत शर्मा ने अदालत में दलील दी कि यदि पुलिस की प्राथमिकी को सच भी मान लिया जाए, तो भी रौशन आनंद की इस घटना में सीधे तौर पर कोई भूमिका नहीं थी; उन पर केवल साजिश रचने का आरोप है। अधिवक्ता ने मामले की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि बवाल के दौरान फैजल खान के सुरक्षाकर्मियों द्वारा की गई फायरिंग की बात को आखिर क्यों छुपाया गया? दूसरी ओर, जमानत मिलने के बाद रौशन आनंद ने आरोप लगाया है कि फैजल खान सर ने शातिर दिमाग का इस्तेमाल कर उन्हें इस पूरे मामले में झूठा फंसाया है।
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हमला और फायरिंग करवाने के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी
2 जून की रात पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित फैजल खान सर के कोचिंग संस्थान पर कुछ उपद्रवियों ने हमला कर दिया था। खान सर के प्रबंधन की ओर से आरोप लगाया गया था कि ज्ञान बिंदु के संचालक रौशन आनंद ने ही उन पर हमला और फायरिंग करवाई है। इस शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रौशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।


