तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद इलाज के लिए विदेश जाने का रास्ता साफ हुआ है। इस घटनाक्रम पर पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अभिषेक बनर्जी के तय समय में वापस लौटने को लेकर सवाल उठाया। ऋतब्रत ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें आशंका है कि इलाज को न्याय से बचने के बहाने के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब यह देखना होगा कि विदेश जाने के बाद अभिषेक बनर्जी 21 दिनों के भीतर वापस लौटते हैं या नहीं।
क्या अभिषेक बनर्जी के लौटने को लेकर कोई समयसीमा है?

ऋतब्रत बनर्जी के बयान का मुख्य केंद्र अभिषेक बनर्जी की वापसी है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि वह तय अवधि के भीतर भारत लौटते हैं या नहीं। उन्होंने अपने बयान में अभिषेक के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करते हुए उनके विदेश जाने को लेकर संदेह जताया। हालांकि, उपलब्ध इनपुट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की विस्तृत शर्तें या विदेश जाने के कारणों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इस मामले में अंतिम स्थिति 21 दिनों के बाद ही स्पष्ट होगी।
ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमले को लेकर क्या बोले ऋतब्रत?
ऋतब्रत बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमले के सवाल पर कहा कि ऐसी घटना निंदनीय है और ऐसा नहीं होना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने इसके साथ ही एक अहम सवाल भी उठाया। उनका कहना है कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि घटना के बाद ममता बनर्जी ने पुलिस को इसकी जानकारी दी थी या नहीं। उनके बयान में घटना की जांच और पुलिस को दी गई सूचना को लेकर सवाल खड़ा किया गया है।
ममता बनर्जी की चोटों को लेकर विपक्ष ने क्या कहा?
ममता बनर्जी की चोटों को लेकर भी ऋतब्रत बनर्जी ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देश में 1952 से चुनाव होते आए हैं और सरकारें आती-जाती रही हैं, लेकिन उन्होंने इससे पहले लगातार तीन महीने तक चोटों की चर्चा होते हुए नहीं सुना। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर टिप्पणी वही लोग कर सकते हैं, जो इन मुद्दों पर शोध करते हैं। उनके इस बयान से साफ है कि ममता बनर्जी की चोटों और कथित हमले को लेकर राजनीतिक विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है।
अब इस पूरे मामले में आगे क्या होगा?
अभिषेक बनर्जी के विदेश जाने और वापस लौटने का मुद्दा अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ उन्हें सुप्रीम कोर्ट से विदेश जाकर इलाज कराने की अनुमति मिली है, वहीं विपक्ष इस बात पर नजर रखे हुए है कि वह तय अवधि के भीतर वापस लौटते हैं या नहीं। दूसरी तरफ ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमले को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी जारी है। इन दोनों मुद्दों पर आगे की स्थिति घटनाक्रम और संबंधित पक्षों के अगले कदम से साफ होगी।
