अगर आप होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन चुका रहे हैं, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अगली बैठक आपके लिए अहम हो सकती है. इस बैठक के दौरान महंगाई, कच्चे तेल की कीमत और रुपये में कमजोरी जैसे कई कारणों के बीच Repo Rate बढ़ने की मुद्दों पर चर्चा होगी. अगर ऐसा हुआ तो आने वाले दिनों में आपकी EMI का बोझ बढ़ सकता है.
RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 5 से 7 अक्टूबर के बीच होने वाली है और 7 अक्टूबर को फैसले का इलां किया जाएगा. फिलहाल रेपो रेट 5.25% पर है. हालांकि, बाजार में ऐसी संभावना जताई जा रही है कि RBI रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है. सिर्फ ओटना ही नहीं, यूनियन बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आगे चलकर यह रेपो रेट के 5.75 से 6% तक पहुंचने का अनुमान है.
RBI क्यों बढ़ा सकता है रेपो रेट?
रेपो रेट बढ़ाने या घटाने का फैसला RBI देश की महंगाई और आर्थिक स्थिति को देखकर करता है. हालांकि, इस बार केन्द्रीयए बैंक के पास कई ऐसी वजह सामने हैं जिनकी वजह से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई है.
- महंगाई में दोबारा बढ़ोतरी देखी जा रही है.
- कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है.
- रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले में कमजोर हुई है.
- अमेरिका समेत दूसरे देशों में ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड में बदलाव का असर भारत पर भी पड़ रहा है.
- बैंकिंग सिस्टम में मौजूद अतिरिक्त नकदी और लोन की मांग भी RBI के फैसले को प्रभावित कर सकती है.
महंगाई और कच्चे तेल पर RBI की नजर
महंगाई RBI के लिए सबसे अहम मुद्दों में से एक है. अगस्त में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82% हो गई, जो जुलाई में 4.45% थी. महंगाई बढ़ने का मतलब यह है कि खाने-पीने की जरूरी चीजों की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ने से आने वाले समय में इसका दबाव और बढ़ सकता है. इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा पूरा करने के लिए तेल आयात करता है.
ऐसे में अगर अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा रहता है, तो पेट्रोल-डीजल से लेकर ट्रांसपोर्ट और दूसरी चीजों की आयात बिल भी बढ़ सकती है. जिसका असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ सकता है.
क्या 6% तक पहुंच सकता है रेपो रेट?
यूनियन बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, RBI अक्टूबर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है. इसके बाद वित्त वर्ष 2027 में एक या दो और बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है. अगर ऐसा होता है, तो रेपो रेट धीरे-धीरे बढ़कर 5.75 से 6% तक पहुंच सकता है. हालांकि, आखिरी फैसला RBI की MPC बैठक में ही होगा.
आपकी EMI पर क्या होगा असर?
अगर RBI रेपो रेट में बढ़ोतरी करता है, तो ऐसे में बैंकों के लिए कर्ज लेना महंगा हो सकता है. इसका असर खासकर फ्लोटिंग रेट वाले होम और दूसरे लोन पर पड़ सकता है. ऐसे में ब्याज दर बढ़ने पर आपकी EMI बढ़ सकती है या लोन की अवधि लंबी हो सकती है.
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