- 3.15 लाख पुराने कर्मचारी दायरे से बाहर, विरोध जारी.
पंजाब के 85,000 सरकारी कर्मचारियों को जन्माष्ठमी का तोहफा मिलने जा रहा है. पंजाब सरकार की तीन सदस्यीय कैबिनेट उप-समिति (Cabinet Sub-Committee) ने राज्य के लगभग 85,000 सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) को 42% से बढ़ाकर 60% करने की सिफारिश की है.
4 सितंबर 2026 को इसका ऐलान करते हुए कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 17 जुलाई, 2020 के बाद भर्ती हुए लगभग 85,000 सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में बड़ी बढ़ोतरी होगी. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अंतिम मंजूरी के बाद इसे ‘जन्माष्टमी गिफ्ट’ के रूप में जल्द ही लागू कर दिया जाएगा.
किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?
यहां यह ध्यान रखने वाली बात है कि DA में यह बढ़ोतरी सभी सरकारी कर्मचारियों की नहीं होगी. इसका फायदा सिर्फ उन्हीं 85000 कर्मचारियों को मिलेगा, जिनकी भर्ती 17 जुलाई 2020 के बाद हुई है. ऐसा इसलिए क्योंकि जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के पे-मैट्रिक्स के हिसाब से बेसिक सैलरी मिल रही थी, लेकिन उनका डीए पंजाब के पुराने पैटर्न (42%) पर रुका हुआ था. इस फैसले से अब उनका डीए भी केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर (60%) हो जाएगा.
किन्हें नहीं होगा फायदा?
पंजाब के कुल 4 लाख कर्मचारियों में से करीब 3.15 लाख कर्मचारी अभी भी इस दायरे से बाहर हैं. जो कर्मचारी जुलाई 2020 से पहले भर्ती हुए थे, वे पंजाब वेतन आयोग (Punjab Pay Commission) के नियमों के तहत आते हैं. उन पुराने कर्मचारियों के लिए इस घोषणा में फिलहाल कोई राहत नहीं दी गई है.
सरकार ने अचानक क्यों लिया फैसला?
पंजाब सरकार के कर्मचारी संगठन अपने पुराने 18% डीए के बकाये (Arrears) और वेतन विसंगतियों को लेकर लंबे समय से विरोध कर रहे हैं. कर्मचारियों ने 8 सितंबर 2026 को सामूहिक रूप से छुट्टी (Mass Casual Leave) पर जाने की बड़ी चेतावनी दे रखी है. इससे पहले 27 अगस्त को पंजाब सरकार के तीन लाख से ज्यादा कर्मचारी अराज्यव्यापी हड़ताल पर चले गए थे.
इस बीच, ‘ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉइज फेडरेशन’ ने चेतावनी भी दी कि अगर पंजाब के कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई, तो देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
पंजाब सरकार और राज्य के कर्मचारियों के बीच चल रहे इस बड़े गतिरोध को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने बातचीत के जरिए इस स्थिति को शांत करने की कोशिश की और गुरुवार को 3 सितंबर को सरकार के तीन वरिष्ठ मंत्रियों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कर्मचारियों के साथ आमने-सामने बैठकर बात करने की अच्छा जताई.
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