- लॉन्च 15 सितंबर को, लिस्टिंग 24-25 सितंबर संभावित.
देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को आईपीओ लाने के लिए सेबी से हरी झंडी मिल गई है. यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है. बताया जा रहा है कि कंपनी 15 सितंबर को प्राइस बैंड का ऐलान कर सकती है. हालांकि, सेबी के अप्रूवल के बाद ग्रे मार्केट में इसकी बड़ी डिमांड को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि कंपनी इसका प्राइस बैंड लगभग 1,800 रुपये प्रति शेयर या उससे ज्यादा भी तय कर सकती है.
NSE के इस मेगा आईपीओ का साइज 30000 करोड़ रुपये के करीब होगा. एनएसई का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा. यानी कि आईपीओ के जरिए कंपनी कोई नया शेयर जारी नहीं कर रही है और कंपनी को कोई नया फंड नहीं मिलेगा. इसमें मौजूदा शेयरधारक करीब छह प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे. ओएफएस होने की वजह से इससे जुटाई गई राशि एनएसई को नहीं, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा निवेशकों को मिलेगी. मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से न्यूजएजेंसी पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि एनएसई के आईपीओ के 15 सिंतबर को लॉन्च होने और 24-25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावना है.
कांटे की होगी टक्कर
NSE का यह 30,000 करोड़ का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रहा है. यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है. अक्टूबर 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का आईपीओ आया था, जो 27,858.75 करोड़ रुपये का था.
एनएसई (NSE) का आईपीओ करीब 30,000 करोड़ का होने के कारण हुंडई के इस रिकॉर्ड को आसानी से तोड़ देगा. हालांकि, इसकी असली टक्कर मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स से होगी. जियो के आईपीओ का साइज करीब 37,700 करोड़ रुपये होने का अनुमान है.
एक दशक का इंतजार खत्म
करीब एक दशक की नियामकीय अड़चनों के बाद आने वाला यह आईपीओ एनएसई को बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल कर सकता है. सूत्रों के अनुसार, करीब 30,000 करोड़ रुपये के आईपीओ से एनएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है.
एनएसई ने इस साल 17 जून को सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स जमा कराए थे. इसके अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और अन्य प्रमुख संस्थागत निवेशक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आगामी आईपीओ के तहत ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं, जिसमें एसबीआई 2.48 करोड़ शेयर बेचेगा. इस बीच, एनएसई की सबसे बड़ी शेयरधारक भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने अपनी 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी में से एक भी शेयर नहीं बेचने का निर्णय लिया है.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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