लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

महाराष्ट्र में परीक्षा से परिणाम तक बदलेगी व्यवस्था:सरकार ने बनाई समिति; किसके हाथ कमान क्या-क्या होगा काम? – Maharashtra Govt Recruitment Exam System Review Committee

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली भर्ती परीक्षाओं के ढर्रे को पूरी तरह बदलने का फैसला किया है। इसके लिए एक सात सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। 12 अगस्त को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में एक आधिकारिक प्रस्ताव जारी कर दिया है। इस फैसले के सामने आने के बाद परीक्षार्थियों में यह उत्सुकता बढ़ गई है कि आखिर यह पूरी व्यवस्था कैसे बदलेगी और युवाओं को इससे क्या राहत मिलने वाली है?

क्या है समिति का मुख्य उद्देश्य?

महाराष्ट्र सरकार की इस पहल का एकमात्र मकसद राज्य के विभिन्न विभागों में होने वाली भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, विश्वसनीय और उम्मीदवारों के अनुकूल बनाना है। पिछले कुछ समय से परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतों के बीच सरकार अब एक ऐसा अभेद्य व्यवस्था तैयार करना चाहती है, जिससे धांधली की कोई गुंजाइश न बचे। यह समिति पूरी परीक्षा प्रणाली की बारीकी से समीक्षा करेगी और उसमें सुधार के ठोस उपाय सुझाएगी।


समिति में कौन-कौन से प्रमुख अधिकारी शामिल हैं?

सात सदस्यों वाली इस समिति की कमान सामान्य प्रशासन विभाग (सेवाएं) की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी राधा को सौंपी गई है। उनके अलावा समिति में महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सदानंद दाते, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और एआई विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, पशुपालन, दुग्ध विकास व मत्स्य पालन विभाग के सचिव डॉ एन रामस्वामी (जिन्हें सदस्य-सचिव बनाया गया है), नासिक के विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम, पूर्व यूपीएससी सदस्य एयर मार्शल (रिटायर्ड) अजीत शंकरराव भोसले और आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर श्यामप्रसाद करागड्डे शामिल हैं। 

परीक्षा की किन-किन प्रक्रियाओं की जांच होगी?


  • यह समिति प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परिणाम घोषित होने तक की हर एक कड़ी की गंभीरता से जांच करेगी। मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर काम किया जाएगा।

  • प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, प्रिंटिंग, डिजिटल वितरण, उनके रखरखाव और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित परिवहन की समीक्षा होगी।

  • लीक और धांधली रोकने के लिए बायोमेट्रिक पहचान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक सर्विलांस तकनीक के इस्तेमाल पर सुझाव दिए जाएंगे।

  • फर्जी परीक्षार्थी बिठाने (इम्पपर्सनेशन), मिलीभगत और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त गाइडलाइंस तय होंगी।

  • परीक्षा केंद्रों के चयन के लिए न्यूनतम इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और जनशक्ति के मानक तय किए जाएंगे।

  • विवादों को सुलझाने और छात्रों की समस्याओं को तुरंत सुनने के लिए एक पारदर्शी शिकायत निवारण तंत्र बनाया जाएगा।


छात्रों से सीधे संवाद की क्या योजना है?

समिति सिर्फ बंद कमरों में बैठकर रिपोर्ट तैयार नहीं करेगी। फैसले के मुताबिक, समिति के सदस्य राज्य के हर राजस्व प्रभाग का दौरा करेंगे। वहां वे परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों, अभ्यर्थियों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से सीधे मुलाकात करेंगे। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यमों से भी सुझाव लिए जाएंगे। सभी पक्षों की राय को ध्यान में रखने के बाद ही समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

यह भी पढ़ें: ‘मीडिया में विश्वसनीयता का संकट’: नितिन गडकरी का बड़ा बयान, क्यों उठे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सवाल?

ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा में कैसे सामने आया पेपर लीक का मामला?

हाल ही में महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया। परीक्षा 22 मार्च 2026 को हुई थी। जांच में सामने आया कि कथित तौर पर पेपर परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों तक पहुंचा था। पुलिस के मुताबिक, लीक हुआ पेपर एक कोचिंग संचालक से अभ्यर्थी तक पहुंचने की कड़ी की जांच की गई। बाद में मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच ने की और एमपीएससी ने पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी। 

विवाद इतना बड़ा क्यों हुआ, और जांच में क्या सामने आया?

मामला तब और गंभीर हो गया जब जांच में कथित तौर पर 77 सवाल लीक हुए प्रश्नपत्र और 22 मार्च की परीक्षा के पेपर में समान पाए गए। जांच एजेंसियों के मुताबिक, एक अभ्यर्थी को संदेह से बचने के लिए कुछ सवाल जानबूझकर गलत करने की सलाह दिए जाने का भी खुलासा हुआ। इस मामले में एमपीएससी के एक अधिकारी समेत कई लोगों की भूमिका जांच के दायरे में आई। पेपर लीक को लेकर आयोग की पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे, जिसके बाद सरकार ने परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा, गोपनीयता और पारदर्शिता की व्यापक समीक्षा के लिए हाईलेवल कमेटी बनाने का फैसला किया।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Mirzapur The Movie Box Office Collection Day 2 Films Collection Falls A Bit After Strong Start – Entertainment News: Amar Ujala

कीव पर तीन दिन के लिए रोके रूसी हमले:रूस-यूक्रेन युद्ध में नई पहल की क्या वजह, पुतिन ने क्यों दिया ये आदेश? – Vladimir-putin-orders-russia-to-halt-kyiv-strikes-us-envoys-visit-steve-witkoff-jared-kushner

एक्सप्लेनर:अमेरिका में रखा अपना सोना क्यों निकाल रहे यूरोपीय देश, ये कैसे संकट की आहट; भारत का क्या हाल? – Explainer Why European Countries Repatriating Gold From Us Federal Reserve India Status America

बारिश के बाद जाम का झाम:दिल्ली से गुरुग्राम तक जलमग्न हुई सड़कें, रेंगते दिखे वाहन; सीएम रेखा ने लिया जायजा – Waterlogging Causes Traffic Jams In Delhi-ncr And Cm Rekha Conducts Surprise Inspection

दलीप ट्रॉफी:साउथ जोन को झटका, ये अनुभवी बल्लेबाज खिताबी मैच से रहेगा बाहर; वैभव-ईशान को लेकर क्या है अपडेट? – No Kl Rahul, But Vaibhav Sooryavanshi, Ishan Kishan, Tilak Varma To Play Duleep Trophy Final

मराठा आरक्षण आंदोलन:मनोज जरांगे ने क्यों ठुकराया पानी और इलाज? आठवें दिन भी अनशन जारी; सरकार को दी चेतावनी – Manoj-jarange-maratha-reservation-hunger-strike-water-medical-treatment-refused

Leave a Comment