मध्य प्रदेश व पहाड़ी क्षेत्र में हुई तेज बारिश के बाद मंदाकिनी नदी ने एक बार फिर विकराल रूप दिखाया है। मंगलवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 126.50 मीटर को पार कर करीब साढ़े चार मीटर ऊपर पहुंच गया। इससे रामघाट क्षेत्र फिर पानी में डूब गया। घाट किनारे बनीं दुकानें, मकान, आश्रम और होटल जलमग्न हो गए। रामघाट से कामतानाथ, आरोग्यधाम और जानकीकुंड जाने वाली सड़कों पर भी पानी भर गया, वहां नावें चलानी पड़ीं।
मंगलवार भोर चार बजे तक जलस्तर 126.40 मीटर था, जो खतरे के निशान से महज 10 सेंटीमीटर नीचे था। इसके बाद मध्यप्रदेश व चित्रकूट क्षेत्र में रातभर हुई तेज बारिश से जलस्तर तेजी से बढ़ा और कुछ ही घंटों में हालात बिगड़ गए। रामघाट में बाढ़ का पानी दोबारा भरने से दुकानों फिर डूब गईं। जिससे दुकानदारों की मुश्किलें फिर बढ़ गईं।
एक दिन पहले की गई साफ-सफाई भी पानी में बह गई। घरों और दुकानों में पानी भरने के बाद लोग ऊपरी मंजिलों पर चले गए। होटलों व आश्रमों में ठहरे लोगों को भी परेशानी हुई। सड़कें डूबने से बाहर निकलना मुश्किल हो गया।