तिरुपति बालाजी के दर्शन के लिए अब काशीवासियों को 1800 किलोमीटर का सफर तय नहीं करना पड़ेगा। काशी में ही तिरुपति की तर्ज पर श्रीवेंकटेश्वर मंदिर बनाने की तैयारी है। मंदिर के लिए गंगा किनारे करीब 15 एकड़ जमीन प्रस्तावित की जा रही है। डोमरी और रामनगर क्षेत्र में भी जमीन तलाशी जा रही है।
अगले सप्ताह तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की टीम वाराणसी पहुंचकर संभावित स्थलों का निरीक्षण करेगी। इसके बाद जमीन का चयन किया जाएगा। मंदिर परिसर में अस्पताल समेत श्रद्धालुओं के लिए कई सुविधाएं विकसित करने की योजना है।प्रोजेक्ट से जुड़े एक अफसर के मुताबिक प्रस्तावित परियोजना केवल मंदिर निर्माण तक सीमित नहीं होगी।
मंदिर परिसर को श्रद्धालुओं के लिए एक बड़े धार्मिक और सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसमें अस्पताल भी प्रस्तावित है। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भोजन, प्रसाद, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं को विकसित किए जाने की संभावना है। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के मंदिर परिसरों में केवल मुख्य मंदिर ही नहीं होता, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं विकसित की जाती हैं।
तिरुपति बालाजी में आवास, परिवहन, अन्न प्रसाद, कल्याण मंडप, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य सेवाएं संचालित हैं। जम्मू में स्थापित तिरुपति मंदिर परिसर में भी मंदिर के साथ सुविधाओं के परिसर, कल्याण मंडप, वेद पाठशाला, छात्रावास और कर्मचारियों के आवास जैसी व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। टीटीडी के पास तिरुमला और तिरुपति में सुपर स्पेशियलिटी और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों का नेटवर्क है।

