चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के लिए गठित नई एसआईटी ने अभी औपचारिक बैठक नहीं की है लेकिन जांच को लेकर टीम सक्रिय हो गई है। सूत्रों के अनुसार एसआईटी के तीनों अधिकारियों ने वर्चुअल बैठक कर अब तक हुई जांच और पुलिस की कार्रवाई की जानकारी ली है।

राम मंदिर की दान पेटिकाओं से चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को ही नई एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया था। इसके अनुपालन में प्रदेश सरकार ने 26 जुलाई को ही नई एसआईटी गठित की है। इसमें लखनऊ के आईजी किरण एस के अलावा अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन बर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को भी शामिल किया गया है। आगे की विवेचना अब इसी टीम के पर्यवेक्षण में आगे बढ़ना है। ऐसे में अब तक की विवेचना, आरोपियों से हुई पूछताछ, सामने आए साक्ष्य, संपत्तियों से जुड़े तथ्यों और अन्य बिंदुओं की समीक्षा एसआईटी के स्तर से होगी।
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अभी तक पर्दे के पीछे से पर्यवेक्षण कर रहे थे एसएसपी
डीआईजी और एसएसपी इस मामले से अभी तक अलग नहीं थे। दोनों की निगरानी में ही स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही थी। पुलिस की कार्रवाई और विवेचना में उठाए जाने वाले कदम भी इन्हीं के पर्यवेक्षण में लिए जा रहे थे। फर्क इतना था कि उनकी भूमिका पर्दे के पीछे पर्यवेक्षण तक सीमित थी। अब नई एसआईटी में शामिल होने के बाद यही अधिकारी जांच की निगरानी में औपचारिक रूप से सामने होंगे।
अब तक की कार्रवाई का ब्योरा जुटाएगी एसआईटी
एसआईटी में शामिल होने के बाद तीनों अधिकारियों ने आपस में समन्वय स्थापित किया है। इसके लिए उनकी वर्चुअल बैठक हुई है। इस बैठक को जांच आगे बढ़ने की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है। अब एसआईटी पहले से हुई कार्रवाई का पूरा ब्योरा जुटाएगी। किन पहलुओं पर काम करने की आवश्यकता है, इसका भी निर्धारण होगा। इसके बाद जरूरत के मुताबिक विवेचना की दिशा तय की जा सकती है।

