तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा को रविवार को वसूली और धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले से हुई है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया।

सरकारी वकील नजीम हबीब ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 2021 में सुजॉय हाजरा ने इमरान नामक एक शिकायतकर्ता से 10 लाख रुपये लिए थे, जिसे उन्होंने वापस नहीं किया। इतना ही नहीं, बल्कि उन्होंने शिकायतकर्ता की संपत्ति भी वापस नहीं लौटाई।
हाजरा के खिलाफ लगी कई गैर-जमानती धाराएं
वकील ने आगे बताया, “आरोप लगने के बाद जब शिकायतकर्ता आरोपी के घर गया, तो सुजॉय हाजरा ने उसे मिलने से इनकार कर दिया।” उन्होंने बताया कि इस मामले में आईपीसी की कई गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात), 461, 472, 120B (आपराधिक साजिश) और 409 (सरकारी संपत्ति का गबन) शामिल हैं।
#WATCH | Paschim Medinipur, West Bengal: On Former TMC MLA Sujoy Hazra being taken into custody, public prosecutor, Najim Habib, says, “In 2021, he took 10 lakhs from a complainant named Imran and did not return it. Not only did he fail to return the money, but he also did not… https://t.co/NTvvlAhptV pic.twitter.com/c29WxuxPaA
— ANI (@ANI) June 7, 2026
यह मामला तब और गंभीर हो गया जब पता चला कि इसमें सरकारी संपत्ति शामिल है और धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया है। इसके नतीजतन यह मामला आपराधिक विश्वासघात और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
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