Petrol News: पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. अब भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में पेट्रोल और केरोसिन फिर महंगे हो गए हैं. छह हफ्तों में दूसरी बार कीमतें बढ़ाई गई हैं. नए रेट लागू होने के बाद पेट्रोल की कीमत 130 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है, जबकि केरोसिन के दाम में भी बड़ा इजाफा हुआ है. सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने की वजह से यह फैसला लिया गया. इसका असर आम लोगों के खर्च और महंगाई पर पड़ सकता है.
छह हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम
बांग्लादेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का हवाला देते हुए पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की है. यह पिछले छह सप्ताह में दूसरी बार है जब ईंधन महंगा किया गया है. सरकार का कहना है कि वैश्विक बाजार के दबाव को देखते हुए यह फैसला लेना जरूरी था.
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पेट्रोल पहुंचा 130 रुपये के पार
नई दरों के अनुसार, बांग्लादेश में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 130 टका प्रति लीटर से अधिक हो गई है. इससे निजी वाहन चालकों के साथ-साथ परिवहन क्षेत्र पर भी असर पड़ने की संभावना है. ईंधन महंगा होने से लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा.
केरोसिन और डीजल भी हुए महंगे
सिर्फ पेट्रोल ही नहीं, बल्कि केरोसिन और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है. केरोसिन का इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों और निम्न आय वर्ग के लोगों के बीच काफी होता है. ऐसे में इसके महंगा होने से घरेलू बजट पर असर पड़ सकता है.
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क्यों बढ़ाए गए दाम?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक तनाव का असर कई देशों पर पड़ रहा है. बांग्लादेश भी अपनी ईंधन जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है. ऐसे में वैश्विक कीमतों का सीधा असर घरेलू बाजार पर दिखाई दे रहा है. बता दें कि ईंधन की कीमतें बढ़ने का असर सिर्फ वाहन चलाने की लागत तक सीमित नहीं रहता. परिवहन महंगा होने से खाने-पीने की चीजों, रोजमर्रा के सामान और अन्य सेवाओं की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है. इससे महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है.

