Petrol Diesel News: देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, इसकी शुरुआत तेल की कीमतों से होती है. जो 10 दिनों में लगातार चौथी बार बढ़ चुके हैं. अब पेट्रोल- डीजल की कीमतें बढ़ने के बाद तेल कंपनियों को हो रहे घाटे में थोड़ी कमी आई है. इस बारे में खुद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की तरफ से जानकारी दी गई है. जिसमें मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने बताया है कि सरकारी तेल कंपनियों को लागत से कम कीमत पर ईंधन बेचने से हो रहे नुकसान में कमी आई है.
मंत्रालय की तरफ से आया अपडेट
दरअसल हाल ही में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को हुई एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार चरणों करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. जिससे सरकारी तेल कंपनियों को लागत से कम कीमत पर ईंधन बेचने से हो रहे नुकसान में कमी आई है. ये नुकसान घटकर लगभग 600 करोड़ रुपये प्रति दिन रह गया है.
ये भी पढ़ें: 7 रुपए की बढ़ोतरी भी कम! क्रूड ऑयल सस्ता, फिर भी और महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल, वजह जानें
उन्होंने आगे बताया कि 15 मई को मूल्य संशोधन शुरू होने से पहले पेट्रोल, डीजल और घरेलू खाना पकाने की गैस एलपीजी की बिक्री पर नुकसान लगभग 1,000 करोड़ रुपये प्रति दिन था. अब ये नुकसान लगभग 600 करोड़ रुपये प्रति दिन से थोड़ा कम है. इस नुकसान में घरेलू एलपीजी की बिक्री से होने वाला नुकसान भी शामिल है. घरेलू उपयोग के लिए बेची जाने वाली एलपीजी एक सब्सिडी वाला उत्पाद है, और लागत, खुदरा विक्रय मूल्य के बीच का अंतर सरकार द्वारा पूरा किया जाता है.
दूसरी ओर, पेट्रोल और डीजल अनियंत्रित उत्पाद हैं जिनकी कीमत बाजार द्वारा निर्धारित होती है. ईरान में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि होने के बावजूद, सरकारी तेल कंपनियों को खुदरा दरों को स्थिर रखने के बाद इन उत्पादों पर नुकसान हुआ.
ये भी पढ़ें: रॉकेट बना डिफेंस कंपनी का शेयर, 12% तक उछला भाव; कंपनी के पास 1432 करोड़ का मजबूत ऑर्डर
चौथी बार बढ़े पेट्रोल- डीजल के दाम
बता दें कि आज मई के महीने में चौथी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है. पेट्रोल की कीमत में आज 2.61 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है और डीजल कीकीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. जिससे महंगाई भी लगातार बढ़ती जा रही है. वहीं कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में और भी बढ़ोतरी हो सकती है.


