के अन्नामलाई के इस्तीफे का असर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर दिखने लगा है। अब तमिलनाडु भाजपा के उपाध्यक्ष के नागराजन, राज्य सचिव सुमति वेंकटेश और पार्टी के 14 पदाधिकारियों ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इससे राज्य भाजपा इकाई में संकट और गहराता नजर आ रहा है।
अन्नामलाई की ओर से भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से औपचारिक रूप से इस्तीफा देने और एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही ये इस्तीफे आए। अन्नामलाई ने कहा कि तमिलनाडु के लिए उनका सियासी नजरिया अब पार्टी नेतृत्व के विचारों से मेल नहीं खाता।
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के रूप में अन्नामलाई राज्य में पार्टी के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक बनकर उभरे थे। अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने दिसंबर 2025 में ही पार्टी नेतृत्व को अपने इस्तीफे के इरादे की जानकारी दे दी थी।
इस्तीफे के बाद अन्नामलाई ने क्या कहा?
अन्नामलाई के मुताबिक, भाजपा नेतृत्व ने उनसे अनुरोध किया था कि वे विधानसभा चुनाव अभियान पूरा होने तक पार्टी में बने रहें। अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक लक्ष्य ‘और बड़े’ हैं और उन्हें पूरा करने के लिए एक ऐसे नए और समावेशी मंच की जरूरत है, जो समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चले।
क्या है अन्नामलाई की भविष्य की योजना?
उन्होंने यह भी बताया कि वह एक नई राजनीतिक पार्टी शुरू करने और भविष्य में राज्य के चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिये अपने संबोधन में अन्नामलाई ने कहा, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत सम्मान करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु के प्रति पार्टी के दृष्टिकोण को लेकर मतभेद होने के बावजूद उन्होंने भाजपा को सौहार्दपूर्ण तरीके से छोड़ा है।
पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने कहा कि उनका नया राजनीतिक आंदोलन ‘व्यक्ति पूजा की राजनीति’ और वंशवादी राजनीति को खत्म करने पर फोकस करेगा। साथ ही यह तकनीकी विशेषज्ञों, पेशेवरों और आम नागरिकों को शासन में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करेगा। अन्नामलाई के समर्थकों ने उनके फैसले का स्वागत करते हुए पटाखे फोड़े और मिठाइयां बांटीं।
अन्नामलाई के इस्तीफा का असर नहीं: नैनार नागेंद्रन
वहीं, तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने इस्तीफे को लेकर चिंताओं को खारिज किया। उन्होंने कहा कि भाजपा एक विचारधारा आधारित संगठन है और अन्नामलाई के जाने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा। नागेंद्रन ने कहा, अन्नामलाई के इस्तीफे का भाजपा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। लोकतंत्र में किसी को भी नई राजनीतिक पार्टी बनाने की आजादी है।
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अन्नामलाई का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा और एआईएडीएमके के बीच गठबंधन दोबारा शुरू होने के बाद उन्हें तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।
एआईएडीएमके के कुछ नेताओं के साथ अन्नामलाई के संबंध विवादित बयानों और वैचारिक मतभेदों के कारण पहले से ही तनावपूर्ण रहे थे। करु नागराजन और कई अन्य पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद अब यह अटकलें तेज हो गई हैं कि आने वाले हफ्तों में और भी नेता तथा कार्यकर्ता अन्नामलाई की प्रस्तावित नई राजनीतिक पार्टी के साथ जुड़ सकते हैं।


