
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग और कर्मचारी यूनियनों के बीच भले ही इस हफ्ते औपचारिक बातचीत पूरी हो गई हो, जिसमें यूनियनों की तरफ से 3.83x के फिटमेंट फैक्टर पर कम से कम 69,000 रुपये की सैलरी की मांग की गई है. अगर यह डिमांड मान ली जाती है, तो इसका मतलब कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी में 283 परसेंट का इजाफा होगा.
फिलहाल, 7वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों को हर महीने कम से कम 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी मिलती है, जिसे 6वें वेतन आयोग के 7,000 रुपये से बढ़ाया गया था. नई दिल्ली में 28 से 30 अप्रैल तक हुई बैठक में नेशनल काउंसिल (NC-JCM) ने लगभग 36 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए वेतन में बढ़ोतरी, वेतन ढांचे में बदलाव और ज्यादा पेंशन व भत्तों की मांग की थी.
कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले
NC-JCM के स्टाफ साइड ने 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है, जो 7वें वेतन आयोग के तहत 2.57 के फिटमेंट फैक्टर के मुकाबले 126 बेसिस पॉइंट्स (bps) ज्यादा है. अगर 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की मांग मान ली जाती है, तो इसका नतीजा 283 परसेंट की सैलरी हाइक के रूप में निकलेगा.
इसका मतलब यह होगा कि अभी अगर किसी की बेसिक सैलरी 18000 रुपये है, तो उसकी सैलरी बढ़कर लगभग 69000 रुपये तक पहुंच जाएगी, जबकि मध्यम स्तर के वेतन में भी सभी वेतन बैंड में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमैंट फैक्टर एक ऐसा Multiplier है, जिसका इस्तेमाल सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए नई बेसिक सैलरी या पेंशन तय करने में किया जाता है. फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से अगर आपकी मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है और प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर 3.83 है, तो नई बेसिक सैलरी = 18,000 रुपये × 3.83 = 68,940 रुपये होगी. फिटमेंट फैक्टर जितना अधिक होगा, कर्मचारियों की सैलरी उतनी ही ज्यादा बढ़ेगी, जिसका असर पेंशन पर भी दिखेगा.
69,000 न्यूनतम वेतन की क्यों की जा रही मांग?
कर्मचारी यूनियनों ने मिनिमम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये तय करने का प्रस्ताव दिया है. पहले 7वें वेतन आयोग के तहत मिनिमम सैलरी की गणना परिवार के 3 सदस्यों (पति, पत्नी और 2 बच्चे, जिन्हें 2 यूनिट माना जाता था) के आधार पर होती थी. अब यूनियनों का कहना है कि परिवार में बुजुर्ग माता-पिता को भी शामिल किया जाना चाहिए, जिससे परिवार का आकार बढ़कर 5 यूनिट हो जाता है. 5 लोगों के खर्च के हिसाब से सैलरी की यह नई मांग रखी गई है.
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