विवेक विहार में इमारत में लगी भीषण आग ने राजधानी को झकझोर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। सीएम ने कहा कि इस मुश्किल समय में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, डीडीएमए, दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव काम में कोई कमी नहीं रहेगी। अधिकारी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्हें इसकी हर पल की रिपोर्ट दे रहे हैं। स्थानीय विधायक और निगम पार्षद भी राहत कार्य में लगे हुए हैं, ताकि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी राहत बचाव से संबंधित जानकारी ले रही हैं।

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दिल्ली के विवेक विहार इलाके में एक चार-मंजिला रिहायशी इमारत में आग लगने से नौ लोगों की मौत।
– फोटो : अमर उजाला
क्यों फटता है एसी?
एसी में धमाके का सबसे आम कारण कंप्रेसर के अंदर बहुत ज्यादा प्रेशर बनना है। जब सिस्टम ठीक से काम नहीं करता जैसे ज्यादा गर्म होने, हवा का बहाव रुकने या अंदरूनी खराबी की वजह से तो यूनिट के अंदर का प्रेशर खतरनाक लेवल तक बढ़ सकता है। अगर इस प्रेशर को समय पर बाहर नहीं निकाला जाता, तो इससे धमाका हो सकता है।

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दिल्ली के विवेक विहार इलाके में एक चार-मंजिला रिहायशी इमारत में आग लगने से नौ लोगों की मौत।
– फोटो : अमर उजाला
एसी ब्लास्ट से ऐसे बचें
-हर 6-12 महीने में सर्विस कराएं।
-एक ही सॉकेट/लाइन में भारी उपकरण ना चलाएं।
-आउटडोर यूनिट के आसपास हवा का अच्छा फ्लो रहे, धूप/धूल से बचाव करें।
-जली हुई गंध, स्पार्क, असमान्य आवाज आए तो तुरंत बंद करके तकनीशियन को बुलाएं।
-लंबे समय तक घर से बाहर हों तो एसी का मेन स्विच/एमसीबी बंद रखें।
-लगातार 8-10 घंटे ना चलाएं।
-एसी को 24-26° पर रखें।
– आउटडोर यूनिट को ऐसी जगह रखने से ब्लास्ट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जहां हवा का बहाव ठीक नहीं हो या उसे किसी चीज से ढक दिया जाए।
– एसी को डायरेक्ट प्लग की जगह कमजोर एक्सटेंशन बोर्ड से चलाने या ढीली वायरिंग होने पर शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।
– एसी में गैस लीकेज होने को नजरअंदाज न करें. पाइप में लीकेज होने पर चिंगारी उठती है, तो वह तुरंत ब्लास्ट हो जाता है।
– एसी की समय-समय पर सर्विसिंग में लापरवाही कतई न बरतें। महीनों तक फिल्टर और कॉइल साफ न होने से धूल जम जाती है। इससे कंप्रेसर पर दबाव बढ़ता है।

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दिल्ली के विवेक विहार इलाके में एक चार-मंजिला रिहायशी इमारत में आग लगने से नौ लोगों की मौत।
– फोटो : अमर उजाला
इन बातों का रखें ख्याल
– समय-समय पर कराते रहें सर्विस। इसके लिए किसी प्रोफेश्नल टेक्नीशियन की ही मदद लें।
– हर 4-5 घंटा चलाने के बाद एसी को 15-20 मिनट के लिए बंद करें ताकि कंप्रेसर ठंडा हो सके।
– एसी को 24 डिग्री से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच चलाना सबसे सुरक्षित और किफायती है। इसे 16-18 डिग्री सेल्सियस पर लगातार चलाने से कंप्रेसर पर दबाव बनता है।
– वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से एसी को बचाने के लिए अच्छी क्वॉलिटी का वोल्टेज स्टेबलाइजर लगाएं।
– अगर एसी से जलने की गंध या बार-बार अजीब से आवाजें आएं या बार-बार एसी ट्रिप हो जाएं, तो तुरंत मेन स्विच ऑफ कर दें और मैकेनिक को बुलाएं।

