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‘होर्मुज से निकलने के लिए अगर किसी ने टोल दिया तो…’, ईरान संग बातचीत के बीच अमेरिका की शिपिंग कंपनियों को धमकी

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US Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर टकराव और बढ़ गया है. अमेरिका ने साफ चेतावनी दी है कि जो शिपिंग कंपनियां ईरान को सुरक्षित रास्ता देने के बदले भुगतान करेंगी, उन पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. इससे वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है.

अमेरिका की सख्त चेतावनी

अमेरिका ने कहा है कि जो कंपनियां होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान को भुगतान करती हैं, वे प्रतिबंधों के दायरे में आ सकती हैं. अमेरिकी ट्रेजरी के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने चेतावनी दी कि अमेरिकी नागरिकों और कंपनियों के लिए ईरानी सरकारी संस्थाओं को भुगतान करना प्रतिबंधित है. साथ ही गैर-अमेरिकी कंपनियां भी ऐसा करने पर प्रतिबंधों के जोखिम में आ सकती हैं.

शिपिंग सेक्टर पर बड़ा खतरा

ओएफएसी ने कहा, “ईरानी बंदरगाहों पर जाने वाले जहाजों से जुड़े समुद्री उद्योग के प्रतिभागियों को कई प्रतिबंधों का बड़ा जोखिम है, जो ईरान के शिपिंग सेक्टर और बंदरगाहों को निशाना बनाते हैं.” यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के हालिया प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं. इससे साफ संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच गतिरोध अभी जारी रह सकता है.

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परमाणु मुद्दे पर अड़ा अमेरिका

अमेरिका बार-बार कह चुका है कि जब तक ऐसा समझौता नहीं होता जो ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दे, तब तक वह युद्ध खत्म नहीं करेगा. डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में परमाणु वार्ता के बीच सैन्य कार्रवाई शुरू करने के पीछे यही मुख्य वजह बताई थी. वहीं ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है.

सीजफायर के बावजूद तनाव बरकरार

8 अप्रैल के सीजफायर के बाद दोनों देशों के बीच सीधी लड़ाई रुकी हुई है, लेकिन कई मुद्दों पर मतभेद अभी भी बने हुए हैं. इनमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण शामिल है. युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही काफी सीमित कर दी है, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों के आसपास नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर रखी है.

क्या ईरान वसूल रहा है टोल?

पिछले महीने ईरानी संसद के उपाध्यक्ष  हामिद-रेज़ा हाजी बाबाएई ने कहा था कि देश ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलना शुरू कर दिया है. उन्होंने बताया कि इससे मिली पहली आय देश के केंद्रीय बैंक में जमा की गई है.

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भुगतान के अलग-अलग तरीके

ओएफएसी के मुताबिक, ये भुगतान नकद के अलावा डिजिटल एसेट्स, समायोजन (ऑफसेट्स), अनौपचारिक सौदे या अन्य तरीकों से भी हो सकते हैं. इसमें चैरिटी डोनेशन या ईरानी दूतावासों के जरिए किए गए भुगतान भी शामिल हो सकते हैं. ओएफएसी ने कहा कि वह ईरान के मुख्य राजस्व स्रोतों खासकर पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल सेक्टर को निशाना बनाना जारी रखेगा.

पहले भी दी थी टोल लगाने की चेतावनी

सीजफायर से पहले तेहरान ने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति सिर्फ मित्र देशों को दी जाएगी. साथ ही उसने संकेत दिया था कि इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाया जा सकता है. यह रास्ता तेल, खाद्य सामग्री, दवाइयों और तकनीकी सामान के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

 

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