फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर सह-पायलट के हमले के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। अब जांच सिर्फ विमान के भीतर हुई घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि सह-पायलट की पृष्ठभूमि और उसे विमान उड़ाने की अनुमति मिलने की प्रक्रिया की भी पड़ताल की जा रही है। इस्राइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि सह-पायलट की जांच के दौरान कोई चेतावनी संकेत नजरअंदाज तो नहीं हुए। अधिकारी ने कहा कि जब तक पूरी तस्वीर साफ नहीं होती, तब तक इस मामले में ज्यादा जानकारी जारी नहीं की जाएगी। इस बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि सह-पायलट कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित हुआ था।

सह-पायलट की पृष्ठभूमि को लेकर जांच में क्या पता लगाया जा रहा?
इस्राइली अधिकारी के मुताबिक जांचकर्ता सह-पायलट की जांच और सुरक्षा मंजूरी से जुड़े पुराने रिकॉर्ड देख रहे हैं। उनका मुख्य सवाल यह है कि क्या उसके बारे में कोई ऐसा संकेत था, जिसे समय रहते पहचाना जा सकता था। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घटना में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। अधिकारी ने कहा कि इस पूरे मामले की गहन जांच जरूरी है, ताकि घटना कैसे हुई, उसके पीछे क्या कारण थे और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, यह समझा जा सके। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि पूछताछ के दौरान शुरुआती जानकारी में सह-पायलट के कट्टरपंथी इस्लामी विचारों से प्रभावित होने की बात सामने आई है। हालांकि, उसकी पृष्ठभूमि और घटना के पूरे कारणों की जांच अभी जारी है।
जांच में अभी किन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं?
- सह-पायलट की भर्ती और सुरक्षा जांच में क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी?
- उसकी पृष्ठभूमि में कोई चेतावनी संकेत पहले से मौजूद थे या नहीं?
- कॉकपिट में इस्तेमाल की गई वस्तु वहां कैसे पहुंची?
- क्या उस वस्तु को किसी आपातकालीन उपकरण के रूप में रखा गया था?
- सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला क्यों किया?
- क्या घटना की पहले से कोई योजना बनाई गई थी?
- क्या सह-पायलट के अलावा कोई और व्यक्ति इस घटना में शामिल था?
- भविष्य में ऐसी घटना दोबारा रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव होंगे?
विमान के कॉकपिट में हथियार कैसे पहुंचा, इस पर क्या स्थिति?
जांच के दौरान कॉकपिट में हथियार पहुंचने का सवाल भी अहम बना हुआ है। जब इस्राइली अधिकारी से पूछा गया कि क्या कॉकपिट में मौजूद किसी आपातकालीन उपकरण को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया था, तो उन्होंने इसकी पुष्टि नहीं की। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि इस्तेमाल की गई वस्तु आग रोकने या किसी आपातकालीन प्रक्रिया के लिए रखे जाने वाले उपकरण से जुड़ी थी या नहीं। इसलिए इस मामले में अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान ऐसी सभी जानकारियों की पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद विमान तेजी से नीचे आया था और यात्रियों तथा चालक दल की मदद से हमलावर को काबू किया गया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक हवाईअड्डे पर आपातकालीन रूप से उतारा गया।
इस्राइल की विमान सुरक्षा व्यवस्था कितनी सख्त है और अब क्या बदलेगा?
इस्राइली अधिकारी ने बताया कि इस्राइल आने और वहां से जाने वाली व्यावसायिक उड़ानों के लिए कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू है। यात्रियों की उड़ान से पहले और पहुंचने के बाद जांच की जाती है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ भी सुरक्षा से जुड़े समन्वय और समझौते होते हैं। घटना के बाद सुरक्षा प्रक्रियाओं की दोबारा और जरूरत पड़ने पर कई बार समीक्षा की जाएगी। अधिकारी ने कहा कि किसी भी घटना के बाद यह देखना जरूरी है कि मौजूदा व्यवस्था में कहां सुधार की जरूरत है। इस बीच संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और इस्राइल की एजेंसियां मामले की जांच में समन्वय कर रही हैं। क्षेत्र में सीधी व्यावसायिक उड़ानें भी सुरक्षा पर विशेष नजर के साथ जारी हैं।
कैप्टन स्मित मच्छार की हालत कैसी है और आगे जांच कैसे बढ़ेगी?
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को इलाज के लिए अबू धाबी ले जाया गया है। भारतीय दूतावास ने बताया है कि वह खतरे से बाहर हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है। घटना की शुरुआती जांच विमान के सऊदी अरब के तबूक हवाईअड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग के बाद शुरू हुई। पहले सऊदी अधिकारियों की जांच होगी और इसके बाद सह-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों को सौंपे जाने की बात कही गई है। वहां आगे पूछताछ और जांच की जाएगी। इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बताया है कि इस्राइली जांचकर्ता भी पूछताछ में शामिल हैं। जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सह-पायलट ने कथित तौर पर विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश क्यों की और क्या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी।