- त्योहारों से पहले सूखे मेवों के दाम गुजरात-महाराष्ट्र में बढ़े.
- बढ़ती मांग और कम आवक से सूखे मेवे 20-80% महंगे.
- अंतर्राष्ट्रीय परिवहन बाधित, लागत बढ़ी, सूखे मेवे हुए महंगे.
- त्योहारों पर मिठाई-नमकीन के दाम 5-10% बढ़ने तय.
रक्षा बंधन, गणेश चतुर्थी और दशहरा और दीवाली से पहले खाने-पीने की चीजों के दाम धड़ाधड़ बढ़ रहे हैं. प्याज और चीनी के बाद अब सूखे मेवे महंगे हो रहे हैं. गुजरात और महाराष्ट्र के बाजारों में इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है, जहां ड्राई फ्रूट्स का सबसे बड़ा व्यापारिक और प्रोसेसिंग हब है.
अहमदाबाद और सूरत जैसे गुजरात के कई बड़े शहरों और महाराष्ट्र- खासकर मुंबई के वाशी होलसेल मार्केट में ड्राई फ्रूट्स की खुदरा और थोक कीमतों में 20% से लेकर 80% तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
100 से 300 रुपये तक बढ़ गई कीमत
पुणे में महज 15 दिनों में ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है. इस दौरान बादाम, पिस्ता और काजू की कीमतें 100 से 300 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गई हैं. यहां के लोकल गुल्टेकड़ी मार्केट यार्ड में कारोबारियों का कहना है कि पहले सावन और अब दूसरे त्योहारों के समय ड्राई फ्रूट्स की मांग बढ़ गई है. ऊपर से ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे बड़े उत्पादक देशों में कम उत्पादन के कारण स्थानीय बाजार में इनकी आवक पर भी असर पड़ा है.
पुणे के ड्राई फ्रूट मार्केट में पहले हर हफ्ते लगभग 10 से 20 टन बादाम आते थे, लेकिन अब यह आवक घटकर लगभग 5 से 10 टन रह गई है. पिस्ता की आवक भी हर हफ्ते लगभग 400-500 किलो से घटकर लगभग 250 किलो रह गई है. अधिक ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट का दबाव अलग से है.
कीमतों पर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट का भी दबाव
कीमतों में बढ़ोतरी पर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट का भी असर पड़ा है, जो लगभग चार गुना बढ़ गई है, जिससे ड्राई फ्रूट्स की कीमत में प्रति किलो लगभग 70 से 80 रुपये का इजाफा हुआ है.
व्यापारियों का कहना है कि कुछ इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट रूट में रुकावटों के कारण शिपमेंट को लंबे वैकल्पिक रास्तों से लाना पड़ रहा है, जिससे लागत और बढ़ गई है. मालवाहक जहाजों को अब लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है. जहां पहले माल आने में कुछ ही दिन लगते थे, अब 45 दिन तक का समय लग रहा है. इसके चलते कंटेनर्स का भाड़ा 300-400 डॉलर से बढ़कर 1500-2000 डॉलर तक पहुंच गया है.
पुणे के मार्केट में बादाम की कीमतें भी लगभग 750-1,000 रुपये से बढ़कर 850-1,200 रुपये प्रति किलो हो गई हैं, जबकि पिस्ता की कीमतें 2,400-2,800 रुपये से बढ़कर 2,700-3,000 रुपये प्रति किलो हो गई हैं. काजू की कीमतें लगभग 800-1,300 से बढ़कर 900-1,400 रुपये प्रति किलो हो गई हैं.
मिठाइयों की बढ़ेगी कीमत
गुजरात के स्वीटमेकर्स एसोसिएशन के मुताबिक, चीनी के दाम पहले ही 60-70 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच चुके हैं. अब घी, तेल और ड्राई फ्रूट्स के भी महंगे होने से इस त्योहारी सीजन में मिठाइयों और नमकीन की कीमतों में 5% से 10% की और बढ़ोतरी होना तय माना जा रहा है.
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