उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की कमजोर सीटों पर सहयोगी दलों की नजर है। सीटों के बंटवारे से पहले भाजपा के सहयोगी दलों ने उन जिलों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है, जहां भाजपा को लंबे से हार मिल रही है या फिर हार और जीत का अंतर बहुत मामूली रहा है।
इसके मद्देनजर रालोद, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले), अपना दल (एस), निषाद पार्टी और सुभासपा सम्मेलन कर चुकीं हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले की छह में सिर्फ मुरादाबाद नगर सीट पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं 2017 में पार्टी मुरादाबाद नगर और कांठ सीट जीतने में कामयाब रही थी।
इससे पहले 2012 में भाजपा को सिर्फ ठाकुरद्वारा सीट पर जीत मिली थी। उपचुनाव को छोड़ दिया जाए तो इन तीन चुनावों में पार्टी को बिलारी और मुरादाबाद देहात सीट पर जीत नहीं मिली। वहीं 2014 में हुए उपचुनाव के बाद ठाकुरद्वारा सीट भी पार्टी के हाथ से चली गई।