किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब ने रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया है। किसानों के आंदोलन के दाैरान चुरू-लुधियाना पैसेंजर ट्रेन 54605 को सुनाम रेलवे स्टेशन पर रोका गया है। यात्री परेशान हो रहे हैं।
मोगा में अपनी मांगों को लेकर केकेएम चैप्टर पंजाब से जुड़ी आठ अलग-अलग किसान जत्थेबंदियों ने गांव महेश्वरी संधूया में रेलवे ट्रैक पर धरना लगाकर पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। किसानों को रेलवे ट्रैक तक पहुंचने से रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने किसानों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान पुलिस की बैरिकेडिंग को पार कर रेलवे ट्रैक तक पहुंचने में सफल रहे और वहां धरना शुरू कर दिया। इस दौरान रेलवे स्टेशन के बाहर किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
किसान नेता बलदेव सिंह जीरा ने बताया कि किसान अपने मांगों को लेकर लगातार डीसी दफ्तर और पंजाब सरकार के मंत्रियों के घर के बाहर धरना दे रहे थे पर फिर भी सरकार नहीं जागी। आज मजबूर होकर हमें रेलवे ट्रैक जाम करना पड़ा। उन्होंने बताया कि आज पुलिस ने भी रोकने की कोशिश किया पर पुलिस हमें नहीं रोक पाई।
अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, मोगा, संगरूर और सुनाम सहित छह स्थानों पर रेल यातायात रोका गया है। पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों के बाहर चल रहे धरने भी जारी रहेंगे।
किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि करीब एक महीने पहले मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांगों से अवगत कराया गया था। 31 अगस्त को डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के बाहर भी धरने दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों से बातचीत नहीं की है। मोर्चे की मांगों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली संशोधन अधिनियम और बीज संशोधन अधिनियम पर स्पष्टीकरण शामिल है। शंभू-खनौरी मोर्चे के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा भी मांगा जा रहा है।
किसान नेताओं के अनुसार, इस दौरान करीब 3.77 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और सैकड़ों किसान घायल हुए। मूंग, मक्का और आलू समेत पांच फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी भी प्रमुख मांगों में से एक है।


