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AI Godfather Geoffrey Hinton Warns: Artificial Intelligence Threatens Humanity

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7 मिनट पहले

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AI पिछले कुछ सालों में तेजी से विकसित हुआ है, लेकिन इसके लंबे समय के खतरों को लेकर तकनीक के शुरुआती दिग्गजों की चिंता बढ़ती जा रही है। एआई के ‘गॉडफादर’ कहे जाने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता जेफ्री हिंटन ने चेतावनी दी है कि अगले एक दशक यानी 10 साल के भीतर एआई मानव सभ्यता खत्म कर सकता है।

एक प्रोग्राम में बात करते हुए कंप्यूटर साइंटिस्ट हिंटन ने कहा कि ऐसा होने की संभावना करीब 10% है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस खतरे का सटीक अनुमान लगाने का कोई पुख्ता तरीका नहीं है।

अभी रिस्क सटीक आकलन करना मुश्किल

हिंटन ने कहा कि 10% खतरे का अनुमान मेरे हिसाब से गलत नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि खतरे का आंकड़ा इससे बहुत कम रखना भी सही नहीं होगा, क्योंकि फिलहाल कोई नहीं जानता कि इस रिस्क का सटीक आकलन कैसे किया जाए।

30-50 साल का खतरा अब 10 साल पर आया

हिंटन ने खुलासा किया कि एआई से पैदा होने वाले खतरों की टाइमलाइन में अब बड़ा बदलाव आ गया है। पहले उनका मानना था कि एआई से इंसानी अस्तित्व को खतरा पैदा होने में 30 से 50 साल लगेंगे। बाद में उन्होंने इस समय को घटाकर 10 से 20 साल किया।

अब उनका मानना है कि यह खतरा अगले 10 साल या उससे भी कम समय में सामने आ सकता है। उन्होंने यह भी माना कि कई रिसर्चर्स का अनुमान इससे भी कम समय का है।

एआई कंपनियों पर लगा ‘इंसानों की जान से खिलवाड़’ का आरोप

एआई के खतरों को लेकर हिंटन की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब इस मुद्दे पर वैश्विक बहस तेज हो गई है। हाल ही में एंथ्रोपिक के पूर्व रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कॉक्सन ने अनुमान जताया था कि 10 साल के भीतर एआई के इंसानों को खत्म करने की 10% से ज्यादा की संभावना है।

उन्होंने एआई कंपनियों पर आरोप लगाया कि वे सेल्फ-इम्प्रूविंग (खुद को बेहतर बनाने वाली) सुपरइंटेलिजेंस बनाने की होड़ में इंसानों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। इसके अलावा एंथ्रोपिक के सेफ्टी रिसर्चर इवान ह्यूबिंगर ने भी खतरे की संभावना 10% से अधिक बताई है।

वैश्विक नियमों की सख्त जरूरत: अंतरराष्ट्रीय सहयोग ही समाधान

हिंटन का कहना है कि भविष्य दो अलग दिशाओं में जा सकता है। अगर खतरों को सही ढंग से मैनेज किया जाए, तो एआई से समाज को बड़े फायदे भी मिल सकते हैं। इसके लिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़े नियम और सहयोग बनाने की मांग की।

हिंटन के अनुसार, एडवांस एआई सिस्टम को इंसानों के कंट्रोल से बाहर होने से रोकने में सभी देशों का एक जैसा हित है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दुनिया की सरकारें सही समय पर एक साथ मिलकर इसके नियम बना पाएंगी।

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