- मार्च में 15-29 साल के युवाओं में बेरोजगारी दर 15.2% हुई.
- कुल बेरोजगारी दर बढ़कर 5.1% हुई, शहरों में बढ़ी.
- शहरी क्षेत्रों में पुरुषों की बेरोजगारी 14.3%, महिलाओं की 17.7%.
- लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट घटकर 55.4% हुआ, महिलाओं में गिरावट.
PLFS Report: वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं के बीच भारत एक लिए एक और बुरी खबर दस्तक दे रही हैं. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) में एक ऐसी बात सामने आई हैं, जिससे चिंता और बढ़ गई है.
सर्वे के मुताबिक मार्च महीने में 15 से 29 साल की उम्र के लोगों में बेरोजगारी दर बढ़कर 15.2 प्रतिशत तक पहुंच गई हैं. जो फरवरी में 14.8 फीसदी थी. आंकड़ों के अनुसार, यह पिछले नौ महीनों का सबसे ऊंचा लेवल है. इससे पहले जून 2025 में युवाओं की बेरोजगारी दर 15.3 फीसदी दर्ज की गई थी.
क्या कहती है रिपोर्ट?
आंकड़ों की बात करें तो, मार्च महीने में 15 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों की कुल बेरोजगारी दर बढ़कर 5.1 फीसदी हो गई है. फरवरी में यह आंकड़ा 4.9 फीसदी था. मंत्रालय के अनुसार इस बढ़त की मुख्य वजह शहरों में रोजगार के मौके कम होना बताया गया हैं.
शहरों में बढ़ी बेरोजगारी
युवाओं की बात करें तो 15-29 साल के पुरुषों में बेरोजगारी दर मार्च में 14.3 फीसदी तक पहुंच गई, जो फरवरी में 13.7 फीसदी थी. वहीं महिलाओं में यह बढ़कर 17.7 फीसदी हो गई, जो पहले 17.6 फीसदी थी.
ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं की बेरोजगारी 13.6 फीसदी रही, जबकि शहरी इलाकों में यह बढ़कर 18.4 फीसदी तक पहुंच गई है. इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि गांव की तुलना में शहरों में बेरोजगारी की दर बढ़ी है.
लेबर फोर्स में भागीदारी घटी
मार्च में लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) में भी कमी दर्ज की गई है. यह आंकड़ा गिरकर 55.4 फीसदी पर आ गया है. जबकि फरवरी में यह 55.9 फीसदी था. ग्रामीण क्षेत्रों में भी गिरावट देखने को मिली है. पहले जहां यह 58.7 फीसदी पर थी, वहीं अब यह 58 के आंकड़े पर पहुंची है.
महिलाओं की भागीदारी दर में भी गिरावट देखी गई और यह 34.4 फीसदी पर आ गई, जो पहले 35.3 फीसदी थी. वहीं पुरुषों की भागीदारी दर हल्की गिरावट के साथ 77.4 फीसदी रही, जो फरवरी में 77.5 फीसदी थी.
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