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महिलाओं के लिए खुशखबरी, अब हर रसोई में पहुंचेगी बर्तन धोने की मशीन, सस्ते हुए डिशवॉशर

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एक ऐसा भी समय था जब भारत के घरों में डिशवॅाशर को जरूरत से ज्यादा महंगा और लगजरी माना जाता था. लेकिन अब कुछ समय से इसका आईना बदलता नजर आ रहा है. कीमतों में कमी और डिशवॅाशर कि मांग जरूरतों के आधार पर बढ़ती नजर आ रही है. इसकी मांग ज्यादातर छोटे शहरों में देखने को मिल रही है. 

GST के घटने से कीमतों में आई कमी

22 सितंबर साल 2025 में डिशवॅाशर पर GST को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया था. इसी के चलते कंपनियों ने भी कीमतों में करीब 4,500 से 7,500 रुपये तक कि कमी कि गयी है. अब से डिशवॅाशर कि शुरुआती कीमत लगभग 25 हजार रुपये कर दी गयी है, जिससे यह साबित होता है कि अब के समय में डिशवॅाशर कि कीमत फ्रिज और वॅाशिंग मशीन जैसे घरेलू उपकरणों कि कीमत के मुकाबले पहुंच चुकी है. 

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2026 में खरीदारी ने पकड़ी रफ्तार

जब से टेक्स में बदलाव कराये गये हैं, तब ही से डिशवॅाशर की खरीदारी मार्किट में तेजी से बढ़ती नजर आ रही है. साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में इसकी बिक्री पिछले साल के मुकाबले में अवधि की तुलना में 49 प्रतिशत बढ़ी है. वहीं दूसरी ओर 15 प्लेट सेटिंग वाले बढ़े मॅाडल की बिक्री में 137 प्रतिशत दर्ज  कराई गयी. टियर-2 के शहर अब कुल यूनिट बिक्री में करीब 30 प्रतिशत योगदान दिखाई दिया गया. 

भारतीय बर्तनों के लिए तैयार हो रही मशीनें 

डिशवॉशर कि कंपनियां अब भारतीय किचन के बर्तनों के हिसाब से बना रहीं हे डिशवॅाशर की मशीनें. साधारण शब्दों में कहा जाए तो इसका मतलब है कि भारतीय किचन में इस्तेमाल होने वाले बर्तन जैसे कि कड़ाही धोने, मसाले के दाग हटाने और बिरयानी के बर्तन व प्रेशर कुकर साफ करने जैसे विकल्प दिए जा रहें हैं. कुछ कंपनियां तो ग्राहकों को मशीन समझाने के लिए ट्रायल और रिटर्न कि सुविधा भी दे रही हैं. 

अभी भी कम है घरों  तक पहुंच 

इतनी मांग के बावजूद भी देश में डिशवॅाशर की पहुंच अभी काफी कम है. करीब 0.5 प्रतिशत भारतीय घरों में ही इसका इस्तेमाल होता है. इसके मुकाबले अमेरिका और यूरोप में इसकी मांग 70-75 प्रतिशत तक है. 

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