अमेरिका की स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक भव्य स्वागत समारोह को राजदूत सर्जियो गोर ने संबोधित किया। उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत भरोसे और असीम संभावनाओं से परिपूर्ण बताया। गोर ने कहा कि दोनों देशों के नेतृत्व के बीच मजबूत विश्वास ने वैश्विक स्तर पर सहयोग के नए दरवाजे खोले हैं।
सर्जियो गोर ने क्या-क्या कहा?
राजदूत गोर ने कहा, हमारे दोनों नेताओं (राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी) के बीच जो गतिशील संबंध है, जो भरोसा मौजूद है, वह असीम संभावनाओं के दरवाजे खोलता है। मेरा सच में मानना है कि ये कुछ साल दुनिया के अगले कई दशकों को प्रभावित करेंगे। अगर आप दुनिया में किसी भी चीज को लें, तो भारत और अमेरिका पहले से ही उसमें साझेदार हैं या आगे साझेदार होंगे। चाहे वह अंतरिक्ष हो, चाहे महासागर, चाहे रक्षा हो, चाहे दवाइयां, चाहे व्यापार- कोई भी विषय हो, भारत और अमेरिका साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार पर क्या कहा?
उन्होंने कहा, रक्षा के मामले में भारत अमेरिका के साथ किसी भी अन्य देश से ज्यादा सैन्य अभ्यास करता है। निर्यात के मामले में किसी अन्य देश की तुलना में भारत सबसे ज्यादा निर्यात अमेरिका को करता है। अमेरिकी राजदूत ने कहा, दुनियाभर के सभी दूतावास निवेश को वापस अपने देश लाने की होड़ में रहते हैं। इस साल हम बहुत उत्साहित थे, क्योंकि हम वास्तव में 20.5 अरब डॉलर के नए निवेश के साथ दुनिया में पहले स्थान पर आए, जिसकी ‘सेलेक्ट यूएसए’ (अमेरिकी सरकार निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रम) में घोषणा हुई। हम आपके लिए खुले हैं। हम आपके साथ काम करना चाहते हैं। हम इस संबंध और साझेदारी को अगले स्तर तक ले जाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, भारत अमेरिका में एक जीवंतता लाता है और अमेरिका भारत में एक जीवंतता लाता है। मुझे पूरा भरोसा है कि ढाई सौ साल बाद भी हमारे दोनों देश अच्छे मित्र होंगे, अगर आज से बेहतर नहीं तो कम से कम उतने ही, अच्छे जितने आज हैं।
‘अमेरिका को भारत पर भरोसा’
अमेरिकी राजदूत ने आगे कहा, जब अमेरिका ने ‘पैक्स सिलिका’ नाम की एक नई पहल की घोषणा की, तो भारत उन पहले 10 देशों में शामिल था, जिन्हें इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। इसका कारण है कि हमें भारत पर भरोसा है। जब अमेरिका को दवाइयों की जरूरत होती है, तो आज हमारी 40 फीसद जेनेरिक दवाइयां भारत से आती हैं। ऐसा क्यों है? क्योंकि हमें भारत पर भरोसा है। आज सुबह मैं दिल्ली में आपके वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और हमारे व्यापार प्रतिनिधि के साथ बैठक में था। यहां आने के बाद मेरे शुरुआती लक्ष्यों में से एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना था और हम उसे लगभग पूरा करने के बहुत करीब हैं।
उन्होंने कहा, इस भरोसे के साथ हमारे राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) और प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) के बीच भी एक बहुत मजबूत संबंध है। मैं यहां व्हाइट हाउस और राष्ट्रपति की ओर से आप सभी को बहुत गर्मजोशी भरे अभिवादन लेकर आया हूं। असल में, मैं पिछले हफ्ते फ्रांस में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मोदी के साथ ही था।
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सर्जियो गोर ने आगे कहा, अमेरिका हैदराबाद में इसी कारण मौजूद है, क्योंकि हमें आप पर भरोसा है। अमेरिका यहां इसलिए है, क्योंकि हम आपके साथ काम करना चाहते हैं। हमारा दूतावास और हमारा वाणिज्य दूतावास हर दिन खुले रहते हैं, क्योंकि हमारा उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों की पहचान करना है, जो दोनों पक्षों के लिए लाभकारी हों। ये अलग-अलग अवसर इस संबंध को अगले स्तर तक ले जाएंगे।
‘भारत सबसे पसंदीदा देश’
मैं छह महीने पहले राजदूत के रूप में यहां आया। लेकिन यह मेरा भारत का पहला अनुभव नहीं था। वास्तव में, मैं 15 साल पहले अपने परिवार के साथ भारत आया था। मैंने दुनियाभर की यात्रा की है। लगभग 95 देशों में गया हूं। जब लोग मुझसे पूछते थे कि मेरे पसंदीदा देश कौन से हैं, तो भारत हमेशा शीर्ष पर रहा है। इसका कारण यह है कि भारत में हर सौ किलोमीटर पर आपको एक अलग देश जैसा अनुभव मिलता है। यहां अलग ऊर्जा है। अलग संस्कृति है। अलग इतिहास है। यह एक बेहद अद्भुत देश है, जिसने मुझ पर गहरी छाप छोड़ी। छह महीने पहले जबसे मैं यहां आया, मैंने अमेरिका में यह संदेश दिया है कि भारत को और प्रमुखता दी जाए। यहां आने का एक लक्ष्य भारत को और अधिक अमेरिका के करीब लाना भी है, क्योंकि हमें भारत पर भरोसा है।


