मनोज मुंतशिर ने छात्रों की चिंता का समर्थन किया, लेकिन इस प्रदर्शन में शामिल होने से इनकार कर दिया। साथ ही उन्होंने CJP प्रदर्शनकारियों को देशद्रोही बताया।
मैं कभी जंतर-मंतर नहीं जाऊंगा
मनोज मुंतशिर ने कहा कि वह छात्रों के मुद्दे को समझते हैं, लेकिन वह जंतर-मंतर नहीं जाएंगे क्योंकि वहां जिन लोगों की मौजूदगी है, उनके साथ खड़ा होना उन्हें ठीक नहीं लगता।
टाइम्स नाउ से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं कभी जंतर-मंतर नहीं जाऊंगा। क्यों? इसलिए नहीं जाऊंगा क्योंकि जो लोग इस वक्त जंतर-मंतर को रिप्रेजेंट कर रहे हैं, सॉरी, वो ऐसे लोग नहीं हैं जिनके साथ खड़े होकर मुझे अच्छा लगेगा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इस देश की युवा पीढ़ी इससे बेहतर डिजर्व करती है, कॉकरेच जनता पार्टी से।’
पूरा सिस्टम जिम्मेदार है
मनोज मुंतशिर ने NEET पेपर लीक को गलत बताते हुए कहा कि इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘इस दुनिया में कौन कह सकता है कि अगर NEET का पेपर लीक हुआ तो यह अच्छा हुआ? यह पूरी तरह गलत है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘अगर एक बच्चे की भी जान गई है, तो पूरे सिस्टम को जवाब देना होगा।’ उनका कहना था कि अगर इस विवाद की वजह से किसी भी छात्र की मौत हुई है, तो इसके लिए पूरा सिस्टम जिम्मेदार है।
जंतर-मंतर के प्रदर्शन से क्यों बना रहे दूरी
मनोज मुंतशिर ने बताया कि वह इस प्रदर्शन से इसलिए दूर रह रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इस आंदोलन में ऐसे लोग शामिल हो गए हैं, जिनकी सोच से वह सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं देख रहा हूं कि जंतर-मंतर पर क्या हो रहा है, कौन लोग आ रहे हैं, उनकी बातें भी सुन रहा हूं।’
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने पहले भारत विरोधी नारे लगाए हैं या कश्मीर को भारत का हिस्सा मानने से इनकार किया है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने भगवान राम के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे वाले लोग आ रहे हैं… कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है वाले… बड़ी जिम्मेदारी से मैं उन्हें देशद्रोही कह रहा हूं।’
सोशल मीडिया पर लोगों का रिएक्शन
मनोज मुंतशिर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई यूजर्स ने उनकी बातों का विरोध किया और उनकी आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, ‘हां, आपको वहां नहीं जाना चाहिए। आप जैसे लोगों को प्रदर्शन से दूर ही रहना चाहिए, क्योंकि इस देश पर सबसे बड़ा दाग आप जैसे मीडिया लोग हैं।’
वहीं, एक अन्य यूजर ने ‘आदिपुरुष’ विवाद का जिक्र करते हुए लिखा, ‘यही वो शख्स हैं जिन्होंने ‘जलेगी तेरे बाप की’ जैसे डायलॉग लिखकर रामायण का अपमान किया था, और अब दूसरों को ज्ञान दे रहे हैं?’
सोमवार को प्रदर्शन में क्या हुआ?
दिल्ली अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार को न्यू दिल्ली इलाके में CJP के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने आक्रामक और हिंसक व्यवहार किया। पुलिस के बार-बार समझाने और चेतावनी देने के बावजूद वे नहीं माने और लागू नियमों का उल्लंघन किया।
वहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस ने बिना भेदभाव के उन पर हमला किया, जिससे कई लोग घायल हुए। सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पुलिस छात्रों पर लाठीचार्ज करती और आंसू गैस छोड़ती दिख रही है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग सिविल कपड़ों में आकर भी उन पर हमला कर रहे थे।
आखिर ये प्रदर्शन क्यों हो रहा है?
CJP के नेतृत्व में यह प्रदर्शन पिछले दो हफ्तों से ज्यादा समय से चल रहा है। इसमें शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी, खासकर NEET परीक्षा पेपर लीक के आरोपों को लेकर विरोध हो रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस महीने की शुरुआत में इस प्रदर्शन में शामिल हुए और जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की।
मंगलवार को प्रदर्शनकारियों की सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत भी हुई, लेकिन प्रदर्शन अभी भी जारी है। वहीं, विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे, लेकिन उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
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