नेपाल सीमा के पास एक कस्बे में भयानक अचानक आई बाढ़ से तबाही मचने के कुछ ही दिनों बाद, गुरुवार को तिब्बत में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता 5.0 मापी गई.
इस भूकंप से अब तक किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है. 26 अगस्त को इस इलाके में आई विनाशकारी बाढ़, नेपाल सीमा के पास तिब्बत में ग्लेशियर के ढहने की वजह से आई थी. इससे भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर बहने लगा और कस्बों व घाटियों में बड़े पैमाने पर तबाही मची.
बाढ़ में 1252 लोगों की गई जान

नेपाल में अब तक कम से कम 1,252 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 4,200 से ज़्यादा लोग लापता हैं। सीमा के दूसरी ओर, चीन ने तिब्बत में मरने वालों की संख्या 21 बताई है, जबकि 541 लोग लापता हैं.
तिब्बत में बचाव कार्य जारी
चीन की तरफ, इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए भारी नुकसान की वजह से बचाव और राहत के काम मुश्किल हो गए थे, चीन को नेपाल के साथ ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग से जोड़ने वाली एकमात्र सड़क अब पूरी तरह से खुल गई है, जिससे बाढ़ के बाद पहली बार भारी मशीनरी सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाके तक पहुंच पाई है.
इस आपदा में चीन के G216 नेशनल हाईवे के कुछ हिस्से बह गए थे, जिससे अधिकारियों को प्रभावित इलाके में काम कर रहे बचाव कर्मियों तक उपकरण और सामान पहुंचाने के लिए हवाई जहाज़ों पर निर्भर रहना पड़ा. कुछ बचाव कर्मी पहाड़ी इलाकों से पैदल भी वहां पहुंचे थे.
बाढ़ का खतरा
जमीनी स्तर पर हुई प्रगति के बावजूद, अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है. ग्लेशियर के टूटने से निकले मलबे के कारण पानी का बहाव रुकने से तिब्बत की तरफ़ कई झीलें बन गई हैं. हालांकि इनमें से कुछ जलाशयों से पानी अपने-आप निकलना शुरू हो गया है, फिर भी अधिकारियों को चिंता है कि भूस्खलन या ग्लेशियर के दोबारा टूटने से नई रुकावटें पैदा हो सकती हैं और अचानक बाढ़ आ सकती है.
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