गुरुग्राम की एक टाउनशिप में डेवलपर ने CAM चार्जेस यानी कॉमन एरिया मेंटेनेंस चार्जेस को 90 प्रतिशत बढ़ा दिया है. जिसकी वजह से डेवलपर और टाउनशिप में रहने वाले लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है. जिन्होंने इस सोसायटी में घर खरीदा था वो लोग अब डेवलपर के ऊपर लीगल एक्शन लेने तक की बात कर रहे हैं.
खरीदारों का कहना है कि उन्हें आधी- अधूरी सुविधाएंदी जा रही हैं और उसके नाम पर मेंटेनेंस का खर्च भी बढ़ाया जा रहा है. यहां तक कि सोसायटी का कुछ रखरखाव भी नहीं है, ऐसे में घर खरीदारों के बीच काफी नाराजगी देखने को मिल रही है.
रहवासियों ने किया प्रदर्शन
इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि, यहां रहने वाले लोगों ने रविवार को प्रदर्शन तक किया है. न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, सेक्टर 108 में द वेस्टर्लीज सोसायटी में रहने वालों ने रविवार को एक्सपेरियन डेवलपर्स और उसकी मेंटेनेंस एजेंसी मैनेज फैसिलिटी मैनेजमेंट के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने कंपनियों को एक लिखित और समय-सीमा वाला एक्शन प्लान जमा करने के लिए 15 दिन का समय भी दिया है.
कितने बढ़े मेंटेनेंस चार्जेस?
RWA के मुताबिक मंथली CAM चार्जेस 10 रुपये प्रति स्क्वायर यार्ड से बढ़कर 19 रुपये कर दिए गए हैं. ये बढ़ोतरी पिछले 2 सलों में हुई है, जो कि सीधे तौर पर 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी है. जिसको लेकर ही रहवासियों के अंदर गुस्सा फूटा है.
क्या है रहवासियों की मांग?
इस मेंटेनेंस चार्ड के बढ़ने पर रहवासियों ने सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने पूछा है कि ये पैसा कहां खर्च हो रहा है? इसकी जानकारी किसके पास है और हमें क्यों नहीं बताया जा रहा है. लोगों ने मांग की है कि इस खर्च का ऑडिट किया जाए. तो वहीं इस पूरे मेंटेनेंस खर्च को लेकर ट्रांसपैरेंसी की बात भी कही जा रही है.
इसके अलावा RWA ने ये मांग भी की है कि जो आखिरी बार मेंटेनेंस चार्ज बढ़ाया गया है उसे वापस लिया जाए. कम से कम तब तक के लिए जब तक इस मामले पर हरियाणा रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (HRERA) की तरफ से कोई कार्रवाई ना की जाए.
घर खरीदते वक्त रखें ध्यान
ये पूरा मामला एक सीख भी देता है कि घर खरीदते समय हमें किन- किन बातों का ख्याल रखना चाहिए. क्योंकि घर खरीदने के बाद मेंटेनेंस चार्ज सोसायटी डेवलपर्स के द्वारा बढ़ाए जा सकते हैं. ऐसे में घर खरीदते समय डेवलपर से इसे लेकर साफ बात होनी चाहिए. इसके अलावा इस बात पर ध्यान देना चाहिए वहां मेंटेनेंस के नाम पर केवल खानापूर्ति ना हो. बल्कि यदि आप पैसा दे रहे हैं तो आपकी सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए.
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