भगौड़े कारोबारी विजय माल्या का मनी लॉन्ड्रिंग का केस पिछले कई सालों से चल रहा है. मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उन्हें भगौड़ा तक घोषित कर दिया गया है. हालांकि अब ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने पूरी रकम माल्या से रिकवर कर ली है, लेकिन फिर भी ईडी इस केस को बंद करने के लिए तैयार नहीं है. ईडी ने बॉम्बे हाईकोर्ट से साफ कह दिया है कि माल्या के ऊपर आपराधिक कार्यवाही खत्म नहीं की जाएगी.
ED ने हाईकोर्ट में क्या कहा?
दरअसल विजाय माल्या का मनी लॉन्ड्रिंग का केस कई सालों से चल रहा है. इस केस के तहत हाल ही में सुनवाई हुई है. जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट ने माल्या कहा कि वो माल्या को आखिरी मौका दे रहे हैं ये साफ करने का कि क्या वो भारत लौटकर अदालत के अधिकार क्षेत्र में खुद को पेश करेंगे. इस दौरान ईडी में भी जवाब देते हुए अपनी बात रखी है.
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सुनवाई के दौरान ईडी ने माल्या के भारत से बाहर रहने और खुद को अदालत में पेश न करने का मुद्दा उठाया. ईडी ने कहा कि, ‘उनकी लगातार अनुपस्थिति और उनका आचरण मौजूदा कार्यवाही की पूरी पृष्ठभूमि में प्रासंगिक बने हुए हैं.’ इस तथ्य को सामने रखते हुए ईडी ने हाईकोर्ट से कहा है कि वो कोई भी फैसला इस पर विचार करते हुए ही करे.
‘ये कारोबारी विवाद नहीं’
ईडी ने साफ कर दिया है कि ये मामला कोई कारोबारी विवाद नहीं है. बल्कि ये एक आपराधिक मामाला है. इसलिए माल्या से पैसा रिकवर करने के बाद भी ईडी नहीं चाहती है कि ये केस बंद हो. ईडी ने कहा, ‘PMLA की धारा 8(8) के तहत संपत्तियों की बहाली उस व्यक्ति को संपत्ति वापस देने की कानूनी प्रक्रिया है, जिसका उस संपत्ति पर वैध हित है. ये अपने आप में ये तय नहीं करती कि अपराध या मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध हुआ है या नहीं.’
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बता दें कि ईडी ने ये जवाब माल्या की उस याचिका पर आया है जिसमें उन्होंने मांग की है कि इस लंबे समय से लंबित मामले को खत्म कर दिया जाए. उन्होंने कहा है कि उनके पहले ही कर्ज से ज्यादा रकम वसूल की जा चुकी है, ऐसे में इस मामले को अब खत्म किया जाए और उन्हें भारत वापस लौटने दिया जाए.
गौरतलब है कि ये मामला कई सालों से चल रहा है. माल्या ने साल 2016 में भारच छोड़ दिया था, जिसके बाद से ही वो ब्रिटेन में रह रहे हैं. साल 2019 में उन्हें इस केस के चलते भगौड़ा घोषित कर दिया गया था.

