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पीएम मोदी-पुतिन की कार डिप्लोमेसी, दुनिया को दिया बड़ा संदेश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक में आयोजित SCO समिट के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की. वैसे तो दोनों नेताओं के बीच दुनिया के मौजूदा हालातों पर चर्चा हुई, लेकिन जिस चीज से बसे ज्यादा पूरी दुनिया का नजर खींचा वो था मोदी-पुतिन की कार डिप्लोमेसी. पीएम मोदी और पुतिन द्विपक्षीय बैठक के बाद एरिना में आयोजित छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए एक ही कार में रवाना हुए. इससे पहले जब दोनों नेता SCO समिट से इतर मिले तो गर्मजोशी और हाथ मिलाया और फिर गले मिले.

पीएम मोदी ने दिया शांति का संदेश

पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में पीएम मोदी ने शांति के लिए महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध संदेश दिया. उन्होंने कहा कि युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे ले जाता है और महात्मा गांधी, गौतम बुद्ध की धरती भारत शांति की दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा. उन्होंने कहा कि युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम मानवता में नई उम्मीद और उत्साह भरता है.

पीएम मोदी-पुतिन की कार डिप्लोमेसी के मायने

कूटनीति में जब दो शीर्ष नेता औपचारिक काफिले और प्रोटोकॉल से इतर एक साथ निजी गाड़ी में सफर करते हैं, तो यह स्ट्रैटजिक सिग्नल बन जाता है. यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी देशों की ओर से रूस पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के बीच भारत का रूस के साथ यह सार्वजनिक संबंध दुनिया को संदेश देता है कि भारत अपनी विदेश नीति किसी तीसरे देश या गुट के दबाव में तय नहीं करता है.

कार में एक साथ यात्रा करने से पहले पीएम मोदी ने कहा था, ‘दुनिया को अंतहीन युद्ध से बाहर निकालकर युद्ध के अंत की ओर बढ़ना चाहिए.’ पीएम का यह बयान भारत को रूस और पश्चिमी देशों के बीच एक विश्वसनीय मध्यस्थ के रूप में भी उभारती है. ग्लोबल साउथ जैसे SCO में भारत और रूस का तालमेल दिखाता है कि दुनिया अब केवल एक या दो महाशक्तियों के इशारे पर नहीं चल रही है. भारत दुनिया में संतुलन बनाने वाले देश की भूमिका निभा रहा है.

एनर्जी-ट्रेड समेत पर इन मुद्दों पर हुई बात 

द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और व्यापार सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की. उन्होंने 24 अगस्त 2026 को मॉस्को में आयोजित भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक के सकारात्मक परिणामों का स्वागत किया. बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया और ब्लैक सी में जारी संघर्ष का मुद्दा भी उठा. पीएम मोदी और पुतिन ने इस बात पर चर्चा की है कि कैसे इन तनावों के कारण समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है. इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी विवाद का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है.

भारत साल 2026 में BRICS संगठन की अध्यक्षता कर रहा है. बैठक के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को 12-13 सितंबर 2026 को भारत में आयोजित होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आधिकारिक तौर पर आमंत्रित किया.

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