एक तरफ मिडिल ईस्ट में जंग जारी है, तो दूसरी तरफ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ बड़ी सफलता लगी है. दो दिवसीय उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच यूरेनियम को लेकर बड़ी डील हुई है. इसके साथ ही 2030 तक सालाना 5 अरब डॉलर के बिजनेस का टारगेट रखा है.
पीएम मोदी ने कहा है ‘उज्बेकिस्तान मिडिल एशिया के सेंटर में हैं. यह देश इस इलाके में भारत की भागीदारी के लिए अहम है. भारत और उज्बेकिस्तान की मजबूत साझेदारी मिडिल एशिया में शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए एक शक्तिशाली ताकत साबित होगी.’
यूरेनियम पर विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि भारत को यूरेनियम की आपूर्ति के बारे में सकारात्मक बातचीत हुई है. दोनों देश एक समझौते पर साइन करने के करीब हैं. जॉर्ज ने कहा, ‘भारत को यूरेनियम की सप्लाई के लिए एक लंबे समय के इंतजाम पर सकारात्मक बातचीत हुई है. हम जल्द ही एक समझौते पर साइन करने वाले हैं. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों का स्तर बढ़ाकर व्यापक रणनीतिक साझेदारी कर दिया गया है. जैसा कि मैंने बताया कि इसमें विदेश मंत्री स्तर का कोऑर्डिनेशन ग्रुप और जॉइंट कमीशन मीटिंग के स्तर को सेक्रेटरी लेवल से बढ़ाकर मंत्री स्तर पर ले जाना शामिल है.’
पीएम मोदी बोले- रिश्तों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाना मकसद
इसके अलावा पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए मीटिंग के बारे में बताया कि भारत उज्बेकिस्तान रिश्तों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाना. 2030 तक व्यापार को 5 अरब डॉलर से ज्यादा तक बढ़ाना. इन्फ्रास्ट्रक्चर, डीपीआई, एआई, अहम खनिजों, ऊर्जा, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना, मार्केट तक पहुंच, कनेक्टिविटी, बैंकिंग और भुगतान व्यवस्था को बेहतर बनाना है.
इसके अलावा दोनों देश मिलिट्री हार्डवेयर के संयुक्त विकास और संयुक्त प्रोडक्शन के लिए अपने रक्षा उद्योगों के बीच सीधे संपर्क को बढ़ावा देंगे. पीएम मोदी ने कहा है कि हमारे दोनों देश के बीच घनिष्ट रक्षा और सुरक्षा सहयोग हमारे गहरे आपसी भरोसे को दर्शाता है. भविष्य में हम अपने रक्षा उद्योंगों के बीच सीधे संपर्क, संयुक्त उत्पादन और संयुक्त विकास को बढ़ावा देंगे.
पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारा मानना है कि आतंकवाद, चरमपंथ और अलगाववाद पूरे इलाके के लिए गंभीर चुनौतियां हैं. इन खतरों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति बनाए रखना हमारा साझा संकल्प रहा है, आगे भी रहेगा.’
शंघाई शिखर सम्मेलन के लिए किर्गिस्तान जाएंगे पीएम मोदी
दोनों देश सभी क्षेत्रों में सहयोग को दिशा देने के लिए विदेश मंत्रियों के स्तर पर एक नई कोऑर्डिनेशन काउंसिल बनाएंगे. पीएम मोदी उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा के बाद अब 26वें शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान जाएंगे.


