135वें इंडियनऑयल डूरंड कप ट्रॉफी टूर का बुधवार को फुटबॉल प्रेमी राज्य मणिपुर में भव्य स्वागत किया गया। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इंफाल पहुंची टूर्नामेंट की तीन प्रतिष्ठित ट्रॉफियों की अगवानी की और इसे राज्य के लिए गौरव का क्षण बताया।
इंफाल के सिटी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह में पूर्वी कमान मुख्यालय के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह, मुख्य सचिव डॉ. पुनीत कुमार गोयल, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह, रेड शील्ड
डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल शुभंकर बसु तथा असम राइफल्स (दक्षिण) के महानिरीक्षक मेजर जनरल गौरव शर्मा सहित सेना, प्रशासन और खेल जगत की कई हस्तियां मौजूद रहीं।
डूरंड कप आयोजन को लेकर क्या बोले राज्यपाल?
राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने कहा कि खुमान लंपाक मुख्य स्टेडियम में डूरंड कप की वापसी केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि उम्मीद और पुनर्निर्माण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि फुटबॉल समाज को जोड़ने, समुदायों को मजबूत बनाने और लोगों को एकजुट करने की शक्ति रखता है। उनके अनुसार डूरंड कप का 135वां संस्करण मणिपुर की दृढ़ता, आशावाद और पुनरुत्थान का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा कि मणिपुर में फुटबॉल केवल एक खेल नहीं, बल्कि समुदायों को जोड़ने वाली साझा भाषा है। गांवों के छोटे टूर्नामेंटों से लेकर खुमान लंपाक मुख्य स्टेडियम तक फुटबॉल राज्य की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इंफाल में डूरंड कप की मेजबानी से राज्य के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
इससे पहले दिन में लोकटक झील के किनारे स्थित सेंद्रा से मणिपुर सरकार के गृह, युवा एवं खेल मंत्री गोविंददास कोंथौजाम ने डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी को औपचारिक रूप से रवाना किया। थांगजिंग राइडर्स की अगुवाई में ट्रॉफियां मोइरांग, बिष्णुपुर, टिड्डिम ग्राउंड, कांगला किला और मणिपुर विश्वविद्यालय से होते हुए इंफाल पहुंचीं। रास्ते में छात्रों और स्थानीय समुदायों ने पारंपरिक स्वागत किया, जबकि विभिन्न स्थानों पर ट्रॉफियों के सार्वजनिक प्रदर्शन ने लोगों में डूरंड कप को लेकर उत्साह बढ़ाया।
समारोह के दौरान मणिपुर की समृद्ध खेल विरासत को भी सम्मान दिया गया। पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित भारोत्तोलक कुंजारानी देवी, मुक्केबाज सरिता देवी, तीरंदाज बॉम्बायला देवी तथा भारतीय महिला फुटबॉल की दिग्गज खिलाड़ी बेमबेम देवी सहित राज्य की कई प्रतिष्ठित खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।
पूर्वी कमान मुख्यालय के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह ने कहा कि भारतीय फुटबॉल की चर्चा मणिपुर के बिना अधूरी है। उन्होंने बताया कि राज्य के करीब 80 खिलाड़ी इंडियन सुपर लीग और अन्य शीर्ष घरेलू प्रतियोगिताओं में खेल चुके हैं, जबकि लगभग 20 खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने कहा कि भौगोलिक रूप से छोटा होने के बावजूद मणिपुर फुटबॉल के प्रति अपने जुनून और योगदान के कारण देश में विशेष पहचान रखता है।
कब से शुरू होंगे मुकाबले?
इस वर्ष डूरंड कप में मणिपुर की मजबूत मौजूदगी देखने को मिलेगी। ग्रुप-डी में टीआरएयू एफसी, नेरोका एफसी और पहली बार हिस्सा ले रही एफसी रेंगदाई भारतीय नौसेना फुटबॉल टीम के साथ मुकाबला करेंगी। खुमान लंपाक मुख्य स्टेडियम में 28 जुलाई से 12 अगस्त तक कुल छह ग्रुप चरण के मुकाबले खेले जाएंगे, जिससे राज्य के फुटबॉल प्रशंसकों को अपनी घरेलू टीमों को देश के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक में खेलते देखने का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा 21 जुलाई को इंफाल के साई ग्राउंड में कांगला वॉरियर्स और संगाई स्ट्राइकर्स के बीच महिला प्रदर्शनी फुटबॉल मैच आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 28 जुलाई को उद्घाटन समारोह के साथ इंफाल में डूरंड कप मुकाबलों की औपचारिक शुरुआत होगी।
25 जुलाई से 23 अगस्त तक आयोजित होने वाले 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप के मुकाबले कोलकाता, शिलांग, इंफाल, गुवाहाटी और रांची में खेले जाएंगे। मणिपुर एक बार फिर देश के इस प्रतिष्ठित फुटबॉल आयोजन के जरिए अपने फुटबॉल प्रेम और खेल संस्कृति का उत्सव मनाने के लिए तैयार है।


