अमेरिका और ईरान के बीच सोमवार (1 सितंबर 2026) को एक बार फिर जंग की स्थिति बन गई है. पीस डील को लेकर चल रही बातचीत के बीच अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर हवाई हमले किए. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई होर्मुज में कमर्शियल शिप और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर ईरान की ओर से किए गए हालिया हमलों के जवाब में किया गया.
चाबहार से बंदर अब्बास तक धमाके
ईरानी स्थानीय मीडिया और IRGC से जुड़े टेलीग्राम चैनलों के अनुसार, अमेरिकी हमलों के बाद दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी ईरान के बड़े हिस्से में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं. चाबहार, बंदर अब्बास, कोणारक, केश्म, जास्क, सिरिक और मीनाब जैसे प्रमुख तटीय क्षेत्रों में भारी विस्फोट हुए हैं. यूएस सेंट्रल कमांड ने बताया कि उनकी सेना ने अमेरिकी समयनुसार दोपहर 12 बजे IRGC के ठिकानों को निशाना बनाना शुरू किया.
Today at 12 p.m. ET, U.S. forces began striking Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) targets in Iran. The strikes follow recent attempted attacks by the IRGC against commercial shipping in the Strait of Hormuz and against American service members deployed to the region.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) September 1, 2026
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने रविवार (31 अगस्त 2026) को जॉर्डन में अमेरिकी सेना पर कम से कम आठ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. यह हमला अमेरिका की ओर से लारक द्वीप पर आईआरजीसी के मिसाइल लॉन्चरों पर किए गए हवाई हमले के बाद हुआ. रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ.
दूसरी ओर, ईरान की फर्स न्यूज एजेंसी ने आईआरजीसी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि ईरानी सेना ने जॉर्डन में स्थित किंग हुसैन और अल-अजराक अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मौजूद ‘तकनीकी और रखरखाव ढांचे’ और उन क्षेत्रों को निशाना बनाया जहां ‘दुश्मन के लड़ाकू विमान’ तैनात थे. ईरान का दावा है कि इस हमले से भारी नुकसान हुआ.
ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान पर हमले
ईरान की कार्रवाई के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी. फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, ‘हम उन पर कड़ा प्रहार करेंगे. इसका जवाब दिया जाएगा.’ उन्होंने बताया कि रात में दागी गई ईरानी मिसाइलों में से एक को अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ने जानबूझकर नहीं रोका, क्योंकि आकलन में पाया गया था कि वह किसी लक्ष्य को नहीं लगेगी. वहीं, बाकी आने वाली मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया.
हालांकि, ट्रंप ने कहा कि बातचीत की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. उन्होंने कहा, ‘वे बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन मुझे नहीं पता कि उनके साथ किसी समझौते पर भरोसा किया जा सकता है या नहीं.’ ट्रंप ने कहा कि प्रतिबंधों का असर अब बहुत मजबूती से दिखाई दे रहा है.
14 जुलाई से ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर नाकाबंदी फिर से शुरू हुई है. तब से अब तक ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आठ कमर्शियल पर हमले किए हैं. मिडिल ईस्ट में जहाजों पर होने वाले हमलों पर नजर रखने वाली संस्था यूकेएमटीओ (UKMTO) के मुताबिक, इनमें से चार हमले पिछले सोमवार (24 अगस्त 2026) से हुए हैं. ईरान ने चेतावनी दी है कि वह खाड़ी देशों से होने वाले तेल निर्यात को रोक देगा.

