Mojtaba Khamenei News: ईरान के शहर मशहद में अनावरण की गई एक नई विशाल पेंटिंग (मुरल) ने देश के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की सलामती को लेकर रहस्य गहरा दिया है. इस दीवार पेंटिंग के सामने आने के बाद अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या मोजतबा खामेनेई भी अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों का शिकार हो चुके हैं? दरअसल, इस पेंटिंग में मोजतबा खामेनेई की तस्वीर उन हस्तियों के साथ दिखाई गई है, जो युद्ध के दौरान मारे जा चुके हैं.
दीवार पेंटिंग में दिखे कई बड़े चेहरे
न्यूज़ 18 की खबर के अनुसार, ईरान के सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान इस मुरल का अनावरण किया गया. इस बड़ी पेंटिंग में उन तमाम वरिष्ठ ईरानी सैन्य और राजनीतिक हस्तियों की तस्वीरें हैं, जिनकी हालिया हमलों में मृत्यु हो गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस पेंटिंग में न केवल मोजतबा खामेनेई , बल्कि उनके दिवंगत पिता अली खामेनेई की तस्वीर भी नजर आ रही है. सोशल मीडिया पर इस अनावरण के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें एक बड़ी स्क्रीन हटते ही उन चेहरों की तस्वीर सामने आती है जिन्हें ईरान ने इस युद्ध में खोया है.
उत्तराधिकार के बाद से ही गायब हैं मोजतबा
गौरतलब है कि 28 फरवरी को एक अमेरिकी-इजरायली हमले में अली खामेनेई की मृत्यु के बाद मोजतबा खामेनेई ने उनकी जगह ली थी. लेकिन सत्ता संभालने के बाद से ही वे एक बार भी सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं. उनके जितने भी बयान या संदेश आए हैं, वे केवल सरकारी मीडिया के माध्यम से लिखित रूप में ही जारी किए गए हैं. ऐसे में इस पेंटिंग में उनकी मौजूदगी उनकी मौत या गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर रही है.
स्वास्थ्य और चोटों को लेकर उड़ रही हैं अफवाहें
मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर मार्च और अप्रैल के महीने से ही बाजार गर्म है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि वह हवाई हमलों में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और शासन करने की स्थिति में नहीं हैं. इजरायली सूत्रों ने तो यहाँ तक दावा किया है कि उनकी स्थिति बेहद नाजुक है. हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने हमेशा इन दावों को खारिज करते हुए उन्हें सुरक्षित बताया है, लेकिन अभी तक उनकी मौत की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
पेंटिंग का क्या है सांकेतिक महत्व?
ईरान में ‘मुरल’ या दीवार पेंटिंग का इस्तेमाल अक्सर उन लोगों को सम्मान देने के लिए किया जाता है जो मारे जा चुके होते हैं. लेकिन कई बार इनमें जीवित नेताओं को भी एकता और मजबूती के संदेश के तौर पर दिखाया जाता है. फिलहाल इस रहस्यमयी पेंटिंग पर ईरानी सरकार या वहां की सरकारी मीडिया ने कोई भी टिप्पणी करने से परहेज किया है, जिससे अटकलों का दौर और तेज हो गया है.


