कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपनी नई 13 सदस्यीय मंत्रिपरिषद के विभागों का बंटवारा कर दिया है। राज्यपाल की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार मुख्यमंत्री शिवकुमार ने वित्त, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग अपने पास ही रखे हैं। इसके अलावा जिन विभागों का अभी तक आवंटन नहीं हुआ है, वे भी मुख्यमंत्री के पास रहेंगे। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर को राजस्व विभाग के साथ युवा सशक्तिकरण और खेल विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं प्रियांक खरगे को गृह विभाग सौंपा गया है। इसके साथ ही उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और जैव प्रौद्योगिकी (बायोटेक्नोलॉजी) विभाग भी अपने पास बरकरार रखा है।

कई वरिष्ठ मंत्रियों को उनके पुराने विभाग ही मिले
राज्य की नई सरकार में केजे जॉर्ज को ऊर्जा विभाग के साथ पर्यटन विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। एमबी पाटिल के पास बड़े और मध्यम उद्योग विभाग बना हुआ है। सतीश जारकीहोली लोक निर्माण विभाग संभालते रहेंगे, जबकि केएच मुनियप्पा को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और शरण प्रकाश पाटिल को चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। कृष्णा बायरे गौड़ा को ग्रेटर बंगलूरू अथॉरिटी (जीबीए) के तहत बंगलूरू शहरी विकास विभाग सौंपा गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी को प्रमुख और मध्यम सिंचाई विभाग की जिम्मेदारी मिली है। बैराठी सुरेश को परिवहन विभाग दिया गया है, जबकि यूटी खादर को स्वास्थ्य विभाग सौंपा गया है।
सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र को मिला ये विभाग?
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे और विधान परिषद सदस्य यतींद्र सिद्धारमैया को शहरी विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। उनके विभाग में शहरी जलापूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड, शहरी अवसंरचना विकास एवं वित्त निगम तथा कई शहरी विकास प्राधिकरण शामिल हैं। वहीं ईश्वर खंड्रे को ग्रामीण विकास विभाग का जिम्मा मिला है।
पार्टी में विभागों के बंटवारे को लेकर असंतोष
हालांकि विभागों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस के भीतर कुछ असंतोष भी सामने आया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कुछ मंत्री अपने हिस्से में आए विभागों से संतुष्ट नहीं थे, जिसके कारण विभागों के आवंटन में देरी हुई। खास तौर पर बंगलूरू के बीटीएम लेआउट से विधायक रामलिंगा रेड्डी बंगलूरू विकास विभाग चाहते थे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवकुमार यह विभाग कृष्णा बायरे गौड़ा को देना चाहते थे। इसी मुद्दे को लेकर रेड्डी ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की।
आलाकमान के निर्देश पर हुआ विभागों का बंटवारा
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि विभागों का बंटवारा कांग्रेस नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार किया गया है और सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के राज्यसभा नामांकन दाखिल करने के दौरान राहुल गांधी बंगलूरू आएंगे। इसके अलावा कांग्रेस के चार उम्मीदवार शुक्रवार को विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करेंगे, जबकि पांचवें उम्मीदवार के नाम पर पार्टी के भीतर चर्चा जारी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि 10 जून के आसपास मंत्रिमंडल विस्तार का दूसरा चरण भी हो सकता है, हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
