अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को पश्चिम एशिया में मारे गए चार अमेरिकी सैनिकों को दी जाने वाली अंतिम सैन्य श्रद्धांजलि में शामिल होंगे।
व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप डोवर वायुसेना अड्डे पर मौजूद रहेंगे। यहां कार्रवाई में मारे गए सैनिकों के पार्थिव शरीर उनके परिवारों को सौंपे जाएंगे। राष्ट्रपति के तौर पर यह सबसे गंभीर और भावुक जिम्मेदारियों में से एक मानी जाती है। फरवरी में ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद यह तीसरी बार होगा, जब ट्रंप इस सैन्य सम्मान समारोह में शामिल होंगे।
प्रशासन के एक अधिकारी ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर बताया कि जॉर्डन में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों में मारे गए अमेरिकी सेना के दो जवानों के पार्थिव शरीर इस समारोह के दौरान लाए जाएंगे।
अधिकारी ने बताया कि जॉर्डन में हमले के बाद लापता हुए और अब मृत माने जा रहे तीसरे सैनिक का पार्थिव शरीर भी लाया जाएगा। इसके अलावा इराक में ईरानी ड्रोन के विस्फोट में मारे गए एक सैनिक का पार्थिव शरीर भी वापस लाया जाएगा।
मंगलवार को व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा, मैं डोवर जा रहा हूं। मेरे लिए वहां जाना बहुत बड़े सम्मान की बात है।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने मृतकों के बारे में क्या बताया?
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि जॉर्डन में मारे गए सैनिकों की पहचान हवाई के ईवा बीच के टायलर जेम्स फीहान (25 वर्षीय) और टेक्सस के कैरोल्टन की इसाबेला गोंजालेस (19 वर्षीय) के रूप में हुई है। जॉर्डन में हमले के बाद लापता हुए और अब मृत माने जा रहे सैनिक की पहचान न्यूयॉर्क के ओजोन पार्क के एंजेल एस. रैम्परसाड (28 वर्षीय) के रूप में हुई है।
इराक में मारे गए सैनिक की पहचान नॉर्थ कैरोलाइना के स्प्रिंग लेक में रहने वाले 30 वर्षीय माइकल इमैनुएल स्विंटन के रूप में हुई है।
रविवार को ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, हमें बहुत दुख है। लेकिन ये महान लोग और सच्चे देशभक्त इसलिए लड़ रहे थे, ताकि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका मारे गए सैनिकों के सम्मान में ईरान पर हमले कर रहा है।
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कई गुना चुकानी पड़ेगी कीमत: ट्रंप
युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के साथ अंतरिम समझौता टूटने के बाद अमेरिका ने तेहरान पर कई हमले किए हैं। सोमवार को ट्रंप ने कहा कि जब भी ईरान किसी अमेरिकी सैनिक की हत्या करेगा, उसे इसकी कई गुना कीमत चुकानी पड़ेगी।
28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 18 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। मंगलवार को ट्रंप ने कहा कि जॉर्डन में आने वाले लगभग सभी हमलों को रोक दिया गया था। लेकिन कुछ हमले सुरक्षा घेरे को पार कर गए।
उन्होंने कहा, जॉर्डन में कुछ हमले हमारे सुरक्षा घेरे को पार कर गए। अगर हमारे पास दूसरे ऑपरेटर होते, तो दुर्भाग्य से यह नहीं होता। उन्होंने आगे कहा, हमने लगभग हर हमले को रोक दिया, लेकिन जब आप अमेरिका का काम दूसरे लोगों को करने देते हैं, तो कई बार नतीजे अच्छे नहीं होते।
ट्रंप ने यह नहीं बताया कि उनका इशारा किसकी ओर था। यह भी साफ नहीं हो सका कि जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किस पर होने की बात वह कर रहे थे।
युद्ध शुरू होने के बाद ट्रंप दो बार ऐसे सैन्य सम्मान समारोह में शामिल हो चुके हैं। सबसे हाल में वह मार्च में इसमें शामिल हुए थे। अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने इस समारोह को राष्ट्रपति के रूप में ‘सबसे कठिन जिम्मेदारी’ बताया था।

