लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

गंभीर बीमारियों का जोखिम 14% बढ़ा: रोज 100 ग्राम ज्यादा अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड दिल के लिए घातक, मौत तक का खतरा – Serious Illnesses Risk Increas 14pc Consuming Additional 100 Gms Ultra-processed Food Dangerous For Heart

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स, मीठे पेय, पैकेज्ड स्नैक्स और रेडी-टू-ईट भोजन आज की व्यस्त जीवनशैली का हिस्सा बन चुके हैं। इन्हें तैयार करने में कम समय लगता है और लंबे समय तक सुरक्षित रहने के कारण ये सुविधाजनक विकल्प भी माने जाते हैं। लेकिन इन खाद्य पदार्थों की मात्रा बढ़ने के साथ स्वास्थ्य पर संभावित असर को लेकर सामने आए नए शोध ने चिंता बढ़ाई है। करीब 88.2 लाख लोगों को शामिल करने वाले 51 अध्ययनों के व्यापक विश्लेषण में पाया गया कि रोजाना अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन बढ़ने के साथ कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी बढ़ता है।

शोध के अनुसार रोजाना 100 ग्राम अतिरिक्त अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाने का संबंध हृदय संबंधी गंभीर घटनाओं के 14% अधिक जोखिम से पाया गया। इसी अतिरिक्त मात्रा के साथ उच्च रक्तचाप का जोखिम 11%, कैंसर का 4% और किसी भी कारण से मृत्यु का जोखिम 3% अधिक पाया गया। मेटाबॉलिक सिंड्रोम या मधुमेह से जुड़े जोखिम में भी 2% की वृद्धि का संबंध सामने आया।यह शोध बीएमजे फैमिली मेडिसिन एंड कम्युनिटी हेल्थ में प्रकाशित हुआ है।

51 अध्ययनों और 88.2 लाख लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण

शोधकर्ताओं ने अमेरिका, यूरोप, एशिया और ओशिनिया में किए गए 51 अध्ययनों के आंकड़ों का विश्लेषण किया। इन अध्ययनों में शामिल लोगों की उम्र अलग-अलग शोधों में 23 से 77 वर्ष के बीच थी। प्रतिभागियों के स्वास्थ्य और खानपान पर 2 से 32 वर्षों तक नजर रखी गई।अध्ययन का उद्देश्य यह समझना था कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड के सेवन और विभिन्न स्वास्थ्य परिणामों के बीच किस तरह का संबंध है। विश्लेषण में पाया गया कि ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ने के साथ कई स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ते गए।हालांकि शोधकर्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया है कि इन निष्कर्षों को सीधे कारण-परिणाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अध्ययन में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड के सेवन और स्वास्थ्य समस्याओं के बीच सांख्यिकीय संबंध पाया गया है। इससे यह सीधे साबित नहीं होता कि इन खाद्य पदार्थों का सेवन ही बीमारी का एकमात्र कारण है।

100 ग्राम की मात्रा को कैसे समझें

अध्ययन में रोजाना अतिरिक्त 100 ग्राम अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड को एक मानक मात्रा के रूप में इस्तेमाल किया गया था। इसका मतलब यह नहीं है कि 100 ग्राम ऐसी चीज खाने के बाद किसी व्यक्ति के बीमार होने की निश्चित संभावना है या 100 ग्राम कोई सुरक्षित अथवा असुरक्षित सीमा है।इस मात्रा का इस्तेमाल मुख्य रूप से यह आकलन करने के लिए किया गया कि सेवन बढ़ने के साथ स्वास्थ्य जोखिम में किस तरह बदलाव आता है। शोध में यह भी संकेत मिला कि अधिक सेवन और अधिक स्वास्थ्य जोखिम के बीच संबंध कई मामलों में लगातार बढ़ता गया। यानी चिंता केवल इस बात को लेकर नहीं है कि कोई व्यक्ति अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाता है या नहीं, बल्कि उसकी कुल डाइट में ऐसे खाद्य पदार्थों की मात्रा कितनी है, यह भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

क्या होता है अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड ऐसे खाद्य पदार्थों को कहा जाता है जिन्हें सामान्य घरेलू पकाने या संरक्षण की प्रक्रिया से काफी आगे जाकर औद्योगिक स्तर पर तैयार किया जाता है। इनके निर्माण में कई तरह की प्रक्रियाओं के साथ स्वाद, रंग, बनावट और टिकाऊपन बढ़ाने वाले पदार्थों का इस्तेमाल किया जा सकता है।पैकेज्ड स्नैक्स, कुछ इंस्टेंट नूडल्स, मीठे और फ्लेवर्ड पेय, पैकेज्ड मिठाइयां, कुछ प्रोसेस्ड मीट तथा रेडी-टू-ईट या रेडी-टू-हीट उत्पाद इसके सामान्य उदाहरण हो सकते हैं।हालांकि हर पैकेज्ड या प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ अल्ट्रा-प्रोसेस्ड नहीं होता। दूध का पाश्चुरीकरण, सब्जियों को काटना या किसी खाद्य पदार्थ को सामान्य तरीके से संरक्षित करना अपने आप में उसे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड नहीं बना देता। वर्गीकरण इस बात पर निर्भर करता है कि खाद्य पदार्थ को किस स्तर और किस तरह की औद्योगिक प्रक्रिया से तैयार किया गया है।

ज्यादा सेवन से क्यों बढ़ सकती है परेशानी

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड और स्वास्थ्य समस्याओं के बीच संबंध के पीछे कई संभावित कारण बताए जाते हैं। ऐसे कई खाद्य पदार्थों में नमक, मुक्त शर्करा और ऊर्जा की मात्रा अधिक तथा फाइबर अपेक्षाकृत कम हो सकता है। नियमित रूप से अधिक मात्रा में इनका सेवन कुल आहार की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है और वजन बढ़ने तथा शरीर के चयापचय से जुड़ी समस्याओं से इसका संबंध हो सकता है।शोधकर्ताओं ने खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले कुछ एडिटिव्स और औद्योगिक प्रसंस्करण के दौरान बनने वाले यौगिकों की संभावित भूमिका पर भी ध्यान दिया है। कुछ प्रयोगशाला और अन्य अध्ययनों में ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन का संबंध आंतों के सूक्ष्मजीव समुदाय, शरीर में सूजन और इंसुलिन की कार्यप्रणाली में बदलाव से जोड़ा गया है। हालांकि इन प्रक्रियाओं को पूरी तरह समझने के लिए अभी और शोध की जरूरत है।

सुविधा के साथ संतुलन भी जरूरी

आज कामकाजी जीवन की तेज रफ्तार में इंस्टेंट नूडल्स, पैकेज्ड स्नैक्स और रेडी-टू-ईट भोजन आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। समस्या तब अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है जब सुविधा के लिए चुना जाने वाला भोजन नियमित और संतुलित भोजन की जगह लेने लगे।यदि फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और मेवों जैसे कम-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की जगह लगातार पैकेज्ड और अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ लेने लगें, तो पूरी डाइट की पोषण गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।इसलिए विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि भोजन में फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और मेवों जैसे कम-प्रसंस्कृत विकल्पों की हिस्सेदारी बढ़ाई जाए। मीठे पेय के स्थान पर पानी या बिना चीनी वाले पेय और पैकेज्ड स्नैक्स की जगह फल या मेवों को चुनना भी रोजमर्रा के भोजन में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की मात्रा कम करने का आसान तरीका हो सकता है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

दिल्ली:कूचा महाजनी में आभूषणों की 54 दुकानें सील, त्योहारी सीजन की दस्तक के साथ ही ठप हुआ कारोबार; बेचैनी – Delhi: 54 Jewellery Shops Sealed In Kucha Mahajani; Business Comes To A Halt.

ओडिशा में बारिश से तबाही:सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाए गए 70 हजार लोग, नदियां उफान पर, हीराकुंड के 16 गेट खुले – Rain-induced Havoc In Odisha 70000 People Moved To Safe Locations 16 Gates Of Hirakud Dam Opened

विश्व पर्यटन दिवस:दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में आज सैलानियों का मुफ्त प्रवेश, जागरूकता पर रहेगा जोर – World Tourism Day: Free Entry For Tourists To Major Historical Monuments In Delhi Today.

राजस्थान में एसीबी की कार्रवाई:दो करोड़ की रिश्वत मामले में फंसे एडिशनल एसपी मुकेश सोनी, दलाल ले रहा था कैश – Rajasthan Acb Action Sog Asp Mukesh Soni 2 Crore Bribe Broker Arrested

‘एआई आशा के साथ चिंता भी’:जयशंकर बोले- देश अपने सिस्टम विकसित करने को स्वतंत्र, दुरुपयोग से आगाह कर क्या कहा? – Ai Brings Both Hope And Concern Jaishankar Says Nations Free Develop Their Own Systems What He Say On Misuse

मौसम का हाल:यूपी में तेज हवाओं के साथ आई आफत की बारिश, आज भी कई जिलों के लिए चेतावनी; कल से कमी आने के आसार – Heavy Rain Accompanied By Strong Winds Hits Uttar Pradesh, Warning Issued For Several Districts Even Today

Leave a Comment