अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच के ईरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को खुली धमकी दी है कि अगर उस पर हमला किया गया तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा, साथ ही दावा किया कि यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ समझौता करने के लिए ‘भीख मांगने’ की स्थिति में है, इसकी वजह ऊर्जा की बढ़ती कीमतों का पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाला प्रभाव है.
IRGC उप कमांडर का क्या दावा?
ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, आईआरजीसी के उप कमांडर मोहम्मद अकबरजादेह ने मंगलवार (26 मई) को कहा कि अमेरिका और यूरोप पर तेल-गैस की बढ़ती कीमतों का असर पड़ रहा है. दावा किया कि ये देश ईंधन संकट और बाजार में होने वाले बदलावों से निपटने के मामले में अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने कहा कि इससे ईरान को फायदा होगा.
‘जवाबी हमला देने के लिए तैयार’

उन्होंने कहा, ‘ईरान की मिसाइल क्षमता और होर्मुज स्ट्रेट का लगातार बंद रहना तेहरान की पावर को दिखाता है. ईरानी सेना भविष्य में किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.’ अकबरजादेह ने आगे कहा कि अमेरिका और इजरायल ने युद्ध को ‘अंतिम विकल्प’ के रूप में रखा है और कहा कि ईरान के खिलाफ कोई भी सैन्य कार्रवाई वाशिंगटन के लिए नाकामी और अपमान का वजह बनेगी.
ये भी पढ़ें- ट्रंप के जाल में फंसे शहबाज-मुनीर! ‘अब्राहम अकॉर्ड’ में हुए शामिल तो पासपोर्ट में करना होगा ये बड़ा बदलाव
IRGC ने यूएस को दी चेतावनी
आईआरजीसी ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला जारी रहा तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा. यह बयान उस समय आया जब अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरानी मिसाइल लॉन्च साइट्स और हथियारबंद नौकाओं पर हमला किया. आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि पिछले 24 घंटों में 25 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से उसकी निगरानी और सुरक्षा में सुरक्षित तरीके से गुजरे. इनमें तेल टैंकर, कंटेनर शिप और दूसरे कारोबारी जहाज शामिल थे.
आईआरजीसी की न्यूज एजेंसी सेपा न्यूज में जारी बयान में कहा गया कि उसकी नौसेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ‘स्मार्ट और कड़ा कंट्रोल’ बनाए हुए है. साथ ही चेतावनी दी गई कि किसी भी ‘हमलावर कार्रवाई’ का ‘कड़ा और जोरदार जवाब’ दिया जाएगा. इससे पहले सोमवार को अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही नौकाओं पर हमला किया था.