अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि वह ईरान के खिलाफ कार्रवाई से पहले कोई समयसीमा तय करना पसंद नहीं करते। ईरान के पुलों पर बमबारी का आदेश देने से पहले अंतिम चेतावनी या समयसीमा दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि तेहरान को पूरी स्थिति का पता है और उसे ठीक से व्यवहार करना होगा।

पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के टूटने के बाद दोनों देशों के बीच फिर से हमले तेज हो गए हैं। इसी मामले को लेकर ट्रंप ने यह बयान दिया। वह पेनसिल्वेनिया डिफेंस एंड इनोवेशन समिट में हिस्सा लेने के लिए वहां पहुंचे थे।
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्होंने ईरान के भीतर नागरिक परिसंपत्तियों पर हमले शुरू करने से पहले तेहरान को कोई अंतिम समयसीमा दी थी, तो उन्होंने कहा, “मुझे समयसीमा तय करना पसंद नहीं है, लेकिन उन्हें लगभग सब कुछ पता है। उन्हें पूरी कहानी मालूम है। उन्हें ठीक से व्यवहार करना होगा।”
ट्रंप ने दी थी हमले की चेतावनी
मंगलवार को फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान बातचीत की मेज पर वापस नहीं लौटता है तो अमेरिका अगले सप्ताह से उसके बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाना शुरू कर देगा। उन्होंने कहा था कि अगर तेहरान वॉशिंगटन के साथ समझौता नहीं करता है तो उसके पास “कोई नहीं बचेगा।”
ट्रंप ने कहा था, “हम कल रात उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे। उसके अगले दिन भी हमला करेंगे। फिर अगले सप्ताह उनके लिए हालात और खराब हो जाएंगे, क्योंकि अगले सप्ताह बिजली संयंत्रों की बारी होगी। अगले सप्ताह पुलों की बारी होगी। हम उनके सभी बिजली संयंत्रों को निष्क्रिय कर देंगे। हम उनके सभी पुलों को तबाह कर देंगे, जब तक कि वे बातचीत की मेज पर आकर वार्ता नहीं करते।”
समझौता टूटने के बाद जारी हैं अमेरिकी हमले
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुआ समझौता विफल हो चुका है। वहीं, अमेरिका के सैन्य हमले लगातार जारी हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच संपर्क अभी भी बना हुआ है। हालांकि ट्रंप प्रशासन का कहना है कि जब तक ईरान होर्मुज से समुद्री आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए रखेगा, तब तक बातचीत आगे नहीं बढ़ सकती।
जमीनी सेना भेजने से भी नहीं किया इनकार
सैन्य अभियान कब तक चलेगा, इस सवाल पर ट्रंप ने कहा कि हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक वह ऐसा तय करेंगे। उन्होंने ईरान में अमेरिकी जमीनी सैनिक भेजने की संभावना से भी इनकार नहीं किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह अन्य विकल्पों को प्राथमिकता देना चाहेंगे। ट्रंप ने कहा, “कई बार जमीनी अभियान की जरूरत होती है, लेकिन हमारे पास ऐसे दूसरे लोग भी हैं जो हमारे लिए जमीनी अभियान चला सकते हैं।”
ईरान पर समझौते के लिए बढ़ाया दबाव
ट्रंप ने ईरान से कहा कि वह जल्द से जल्द अमेरिका के साथ समझौता करे, अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा, “बेहतर होगा कि तुम समझौता कर लो। नहीं तो तुम्हारे पास कोई नहीं बचेगा।” उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका अपने सैन्य अभियान में आम नागरिकों को नुकसान से बचाने के लिए पूरी सावधानी बरत रहा है। ट्रंप ने कहा, “हम नागरिक आबादी के मामले में बहुत सावधानी बरत रहे हैं। लेकिन मैं फिर कहता हूं कि समझौता कर लो, नहीं तो तुम्हारे पास कुछ भी नहीं बचेगा।”

