
पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर बवाल देखने को मिल रहा है. जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल के चीफ और पाकिस्तानी नेता मौलाना फजलुर रहमान ने कराची से ऐसा बयान दे दिया है, जिससे ना सिर्फ पाकिस्तान की सत्ता बल्कि पाक आर्मी चीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी हिल गए हैं.
कराची में जनसभा को संबोधित करते हुए जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (JUI-F) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने दावा किया कि उन्हें लगातार धमकी भरे फोन कॉल और लेटर मिल रहे हैं. उन्होंने भीड़ के सामने सीधा ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि अगर मुझे कल को मार दिया गया तो एस्टैब्लिशमेंट जिम्मेदार होगी. ऐसे में पाकिस्तान में एक बार फिर फौज बनाम विपक्ष की पुरानी जंग खुलकर सामने आ गई है.
सिविल-मिलिट्री हाइब्रिड राज कहा
मौलाना रहमान ने पाकिस्तान की मौजूदा सत्ता को सिविल-मिलिट्री हाइब्रिड राज बताते हुए कहा कि मुल्क एक तरह से बंधक बन गया है और सरकार की नीतियों ने पाकिस्तान को ऐसा मोड़ दिया है कि भारत से रिश्ते बिगड़े, अफगानिस्तान से भी तनाव बढ़ा और अब चीन का भरोसा भी डगमगा रहा है. यानि हमला सिर्फ सरकार पर नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था पर था, जिसके पीछे पाकिस्तान में अक्सर फौज की ताकत देखी जाती है.
दूसरे इमरान खान न बन जाएं मौलाना
इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई भी पाकिस्तानी सेना पर इसी तरह के आरोप लगा चुकी है. बता दें कि पाकिस्तान में लंबे समय से विपक्षी दल आरोप लगाते रहे हैं कि देश में पीएम और राष्ट्रपति क्या करेंगे यह फौज तय करती है और राजनीति में फौज की बड़ी भूमिका रहती है. ऐसे में अब ये सवाल उठ रहा है कि कहीं मौलाना का हाल भी इमरान खान जैसा न हो जाए.
इजरायल को लेकर क्या कहा
मौलाना फजलुर रहमान ने 22 मई से देशव्यापी विरोध आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया. उन्होंने बढ़ती महंगाई, सरकार की घरेलू नीतियों और विदेश नीति को लेकर सरकार पर हमला बोला. इसके अलावा उन्होंने गाजा युद्ध का जिक्र करते हुए अरब देशों से इजरायल के खिलाफ इस्लामिक ब्लॉक बनाने की अपील की. उन्होंने दावा किया कि इजरायल क्षेत्र में अपना दायरा बढ़ा रहा है और पाकिस्तान भी भविष्य में खतरे में आ सकता है.
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