- मिडिल ईस्ट तनाव और वैश्विक तेल वृद्धि पड़ोसियों को प्रभावित कर रही है।
- पाकिस्तान अत्यधिक आर्थिक संकट के बीच पेट्रोल 300 रुपये पार कर गया।
- नेपाल और म्यांमार भी तेल की बढ़ी कीमतों से जूझ रहे हैं।
Petrol Diesel News: दुनिया भर में बढ़ती तेल कीमतों का असर अब पड़ोसी देशों में भी साफ दिखाई देने लगा है. सिर्फ भारत ही इस महंगाई का शिकार नहीं है, बल्कि पाकिस्तान, नेपाल और म्यांमार तक में हालत बिगड़ी हुई है. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं. हालत यह है कि कुछ देशों में लोगों की जेब पर भारी असर पड़ रहा है और सरकारों पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है. भारत के आस पास के कई देशों में तेल की कीमतें भारत से ज्यादा हैं. कहीं आर्थिक संकट की वजह से दाम बढ़े हुए हैं तो कहीं डॉलर की कमी और महंगाई ने हालात खराब कर दिए हैं. यहां से आप पड़ोसी देशों का हाल समझ सकते हैं.
पाकिस्तान में सबसे ज्यादा परेशानी
पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है. वहां पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में पेट्रोल 300 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच चुका है. तेल महंगा होने की वजह से वहां ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ रही हैं. सोशल मीडिया पर लोग सरकार की आलोचना करते नजर आ रहे हैं. कई शहरों में लोग सीमित मात्रा में पेट्रोल खरीद रहे हैं.
नेपाल में भी बढ़े दाम
नेपाल में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ी हुई हैं. नेपाल इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से तेल खरीदता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ोतरी का असर वहां भी दिखाई देता है. नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन समय-समय पर दाम बढ़ा रहा है. तेल महंगा होने से वहां बस किराए और जरूरी सामानों की कीमतें भी प्रभावित हो रही हैं.
म्यांमार में हालात और मुश्किल
म्यांमार में तो तेल संकट और ज्यादा बढ़ गया है. कई इलाकों में पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं. कुछ जगहों पर सप्लाई की कमी की खबरें भी सामने आई हैं. म्यांमार के मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वहां पर लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल खरीद रहे हैं, जिससे कई जगहों पर पैनिक बाइंग जैसी स्थिति बन रही है. इसका मतलब है लोग हड़बड़ाहट में कितना भी तेल खरीद ले रहे हैं.
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श्रीलंका अभी भी पूरी तरह नहीं उबरा
श्रीलंका में कुछ समय पहले बड़ा आर्थिक संकट देखने को मिला था. हालांकि हालात पहले से बेहतर हुए हैं, लेकिन तेल की कीमतें अभी भी लोगों के लिए बड़ी चिंता बनी हुई हैं. सरकार को कई बार अंतरराष्ट्रीय मदद भी लेनी पड़ी थी.
भारत में कैसा है हाल?
भारत में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने की वजह से दबाव जरूर बढ़ रहा है. एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊपर जाती रहीं, तो आने वाले समय में भारत में भी दाम बढ़ जरूर सकता है.
क्यों बढ़ रही हैं तेल की कीमतें?
मिडिल ईस्ट तनाव, सप्लाई की चिंता और डॉलर की मजबूती तेल की कीमतें बढ़ाने की बड़ी वजह हैं. दुनिया के कई देशों में महंगाई पहले से बढ़ी हुई है और अब तेल महंगा होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ रही हैं. फिलहाल हालात ऐसे हैं कि सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि आसपास के लगभग सभी देश तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव में हैं और काफी ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं.


