पाकिस्तान में पहले दौर की शांति वार्ता (US Iran Peace Talks in Pakistan) फेल होने के बाद से अमेरिका और ईरान में तनाव बरकरार है. डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान पर दबाव बनाने के लिए होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने ये भी कहा है कि वो वहां से बारुदी माइंस को निकालना चाहते हैं. इसी बीच ईरानी सेना ने भी साफ कर दिया है कि उनकी तरफ से भी करारा जवाब दिया जाएगा. इसी बीच अमेरिका ईरान की दूसरी दौर की बैठक कराने के लिए पाकिस्तान ने प्रस्ताव दिया है.
पाकिस्तानी अधिकारियों ने क्या बताया?
अमेरिका और ईरान के बीच एक और दौर की बातचीत कराने के लिए पाकिस्तान ने राजनयिक प्रयास तेज कर दिए हैं. हालांकि पहले दौर की बातचीत बेनतीजा रही है. दो पाकिस्तानी अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी एसोसिएट प्रेस को बताया कि पाकिस्तान 27 अप्रैल को खत्म हो रहे सीज़फायर से पहले दोनों देशों की इस्लामाबाद में बैठक करवाने के लिए इच्छुक है और इस दिशा में लगातार बातचीत कर रहा है.
अमेरिका और ईरान के संपर्क में पाकिस्तानी अधिकारी
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक इस्लामाबाद में बैठक का प्रस्ताव इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान और अमेरिकी पक्ष किसी अन्य स्थान की मांग करते हैं या नहीं. प्रेस से इस मामले पर चर्चा करने के लिए अधिकृत न होने के कारण नाम न छापने की शर्त पर बात करने वाले अधिकारियों ने कहा कि यह प्रस्ताव इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों पक्ष किसी अन्य स्थान का चुनाव करते हैं या नहीं. एक पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि हालांकि पहली वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हुई, लेकिन यह एक निरंतर राजनयिक प्रक्रिया का हिस्सा थी, न कि कोई एक बार का प्रयास. इसे आगे भी जारी रखा जाएगा.
अमेरिका और ईरान को मनाने के लिए आर्मी चीफ असीम मुनीर और इशाक डार लगे हुए हैं, क्योंकि कहीं न कहीं मुनीर को डर सता रहा है कि अगर दोबारा से जंग शुरू होती है तो पाकिस्तान को सऊदी अरब में तैनात अपनी सेना को हमले के लिए आदेश देना ही होगा. इसलिए पाकिस्तान जंग को हर हालत में रोकना चाहता है.
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