गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में निरीक्षण के लिए पहुंची प्रशासन की संयुक्त टीम के सामने पीड़ितों ने जमकर हंगामा किया। जीडीए सचिव के सामने लोगों ने आरोप लगाया कि आग जानबूझकर लगाई गई है।
वहीं आरडब्ल्यूए पर यह भी आरोप लगा है कि हादसे के समय दमकल के वाहनों को मौके तक पहुंचने के लिए एक दीवार को तोड़ने की जरूरत थी। लेकिन आरडब्ल्यूए ने दीवार को नहीं तोड़ने दिया।
लोगों का कहना है कि दीवार टूटती तो दमकल की टीम जल्द आग पर काबू पा सकती थी और नुकसान होने से भी बचाया जा सकता था। हंगामा इतना बढ़ गया कि पुलिस को बुलाना पड़ा।
अधिकारियों के सामने हंगामा
सोसायटी में जिन लोगों के फ्लैट जले हैं, उन लोगों ने अधिकारियों के समक्ष नाराजगी जताई। बैठक में जमकर हंगामा हुआ। लोगों ने आरडब्ल्यूए और पालीवाल परिवार को आग लगने का जिम्मेदार ठहराया।
‘आग लगने के कारणों की हो जांच’
गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में नौंवी मंजिल डी टावर से नितेश पालीवाल के घर से ही आग फैली थी, इनका आरोप है कि यह आग साजिशन लगाई गई है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

