पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि राज्य की भाजपा सरकार दक्षिणेश्वर और कालीघाट मंदिर समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं को बेहतर करने के लिए बड़े विकास कार्य शुरू करेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी श्रावणी मेले के लिए तारकेश्वर में भव्य व्यवस्थाएं की जाएंगी। ‘सनातन चेतना का उत्सव और बंगभूमि में रामराज्य के जागरण’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगासागर मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की दिशा में काम शुरू हो चुका है।

प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बेहतर की जाएंगी सुविधाएं
सीएम शुभेंदु ने कहा, ‘गंगासागर मेले को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। वहीं, दक्षिणेश्वर और कालीघाट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जाएगा।’ शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि सनातन धर्म के अनुयायी के तौर पर शामिल हुए हैं और ऐसे आयोजनों में उनकी राजनीतिक पहचान का कोई महत्व नहीं है। उन्होंने कार्यक्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं कोषाध्यक्ष श्री गोविंद देव गिरि जी महाराज को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
‘टीएमसी ने विकास के बजाय तुष्टिकरण की राजनीति की’
पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में पश्चिम बंगाल रोजगार की कमी और व्यापक भ्रष्टाचार से जूझता रहा। उन्होंने कहा कि तृणमूल शासन में विकास की बजाय तुष्टिकरण की राजनीति को प्राथमिकता दी गई। अधिकारी ने आरोप लगाया, ‘वोट बैंक की राजनीति के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों को जानबूझकर खुला रखा गया और सनातनियों को धार्मिक आयोजनों की अनुमति के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाना पड़ता था।’
‘आध्यात्मिक दृष्टि से बंगाल अहम’
पश्चिम बंगाल को आध्यात्मिक दृष्टि से पवित्र भूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि अब तुष्टिकरण, अराजकता और निवेश की कमी का दौर खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा, ‘अब राज्य में ऐसा नहीं होगा। पिछले 15 वर्षों में भ्रष्टाचार चरम पर था, लेकिन अब बदलाव आएगा। भगवा झंडा पूरे बंगाल में लहराएगा और असल बदलाव का मार्ग प्रशस्त करेगा।’
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में सभी प्रकार की गुंडागर्दी पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य और केंद्र में एक ही विचारधारा की सरकार होने से विकास कार्यों में तेजी आएगी तथा केंद्र की विभिन्न परियोजनाएं रोजगार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

