दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र से लेकर पूर्वोत्तर तक पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश हुई है, जबकि मैदानी इलाकों में आंधी-तूफान और चमक व गरज के साथ बरसात के साथ कई जगहों पर ओले भी गिरे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम से लेकर मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत तक अगले तीन से चार दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने का अनुमान है।


उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी की संभावना
आईएमडी ने बताया कि उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। जम्मू -कश्मीर और आसपास के पहाड़ी इलाकों में पांच मई तक मौसम काफी सक्रिय रहेगा। यहां गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। इसके साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
3 से 5 डिग्री गिरेगा पारा
उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में तापमान गिरेगा 3 मई से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम बदलने लगेगा। तीन मई से सात मई के बीच अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में बारिश का ऑरेंज अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत में मौसम सबसे अधिक गंभीर बना हुआ है। असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक वर्षा हो सकती है, जिसके चलते ऑरेंज अलर्ट लागू है। अरुणाचल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की संभावना है और यहां यलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
मध्य व पूर्वी भारत में आंधी-तूफान व बारिश
बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। यहां 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। बिजली गिरने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मध्य प्रदेश में भी धूल भरी आंधी और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इस दौरान तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक तापमान कम होने की संभावना है।
दक्षिण भारत में बारिश के साथ बढ़ेगी उमस
केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश की संभावना है। यहां येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, बारिश के बावजूद तटीय इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
कई राज्यों में व्यापक प्रभाव
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाके और ओडिशा में भी छिटपुट स्थानों पर 50-70 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलीं और गरज के साथ बारिश हुई। उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, मराठवाड़ा, कोंकण, अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और मध्य महाराष्ट्र में छिटपुट स्थानों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलीं। पश्चिम बंगाल के उप हिमालयी क्षेत्रों, असम, ओडिशा, बिहार और तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हुई है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, आंतरिक कर्नाटक और तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर ओले भी गिरे हैं। वहीं, पूर्वी राजस्थान में धूल भरी आंधी भी चली।
हिमाचल में तेज हवा से गिरा पेड़, चार शिक्षिकाओं की मौत
जानकारी के अनुसार, हिमाचल के कुल्लू जिले के आनी क्षेत्र में तेज हवा के चलते वाहन पर चिड़ का पेड़ गिरा। वाहन में छह महिला शिक्षक सवार थीं, जिनमें से चार की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हुई हैं। घायलों को क्षेत्र के खनेरी स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में शिमला और कांगड़ा के कुछ क्षेत्रों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है और तेज हवाएं भी चली हैं। इससे नोग वैली और आसपास के क्षेत्रों में सेब की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन
जम्मू-कश्मीर में डोडा के पास और रामबन के बनिहाल में शनिवार तड़के भूस्खलन होने से डोडा-किश्तवाड़ और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर दोनों तरफ से यातायात ठप हो गया। सैकड़ों वाहन फंस गए हैं। करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद डोडा-किश्तवाड़ राजमार्ग को एक तरफ से खोला जा सका है। दोनों सड़कों पर पूरी तरह से मलबा हटाकर यातायात बहाल करने की कोशिश जारी है, लेकिन इसमें समय लग सकता है। इसलिए यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों से निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
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