पश्चिमी विक्षोभ और मानसून के असर से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत में जहां तापमान बढ़ रहा है, वहीं पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर चल रहा है। अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ से एक गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया और एक व्यक्ति की जान चली गई व चार लापता हैं। झारखंड और ओडिशा में बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई है। आने वाले दिनों उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी और बढ़ने और देश के शेष राज्यों के ज्यादातर हिस्से में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रह सकती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 28 जून तक उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान 2-3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश भी होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं, पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने और स्थानीय स्तर पर जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
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पूर्वी और मध्य भारत में मौसम रहेगा सक्रिय
बिहार, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, केरल, लक्षद्वीप और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा तथा तेज हवाएं चल सकती हैं।
शिमला और आसपास के इलाकों में तेज बौछारें
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और उसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार को तेज हवाओं और गरज के साथ भारी और रुक-रुक कर बारिश हुई। शिमला के बाहरी इलाके मशोबरा में सबसे अधिक 35 मिमी बारिश दर्ज की गई। स्थानीय मौसम केंद्र ने 27 जून से राज्य में छह दिनों तक बारिश का अनुमान जताया है और 1 तथा 2 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को नेरी राज्य में सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कुकमसेरी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून
आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा अरब सागर से सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज और मोतिहारी तक पहुंच चुकी है। अगले तीन से चार दिनों के दौरान परिस्थितियां अनुकूल रहने से मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों, झारखंड, बिहार तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ सकता है। इससे खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलने और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।
फसलों की जल्द कटाई की सलाह
आईएमडी ने किसानों को भी सलाह दी है कि संभावित बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था रखें, पकी फसलों की कटाई जल्द पूरी करें, उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव फिलहाल टाल दें तथा तेज हवाओं से प्रभावित होने वाली फसलों और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें।मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और प्रशासन की सलाह का पालन करते हुए आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए।
झारखंड-ओडिशा में दो-दो की मौत
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश के दौरान बिजली गिरने से फुटबॉल खेल रहे दो युवकों की मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बिजली गिरने से झुलसे साहिल राज समद (32) और पोंडेराम समद (25) को तुरंत पड़ोसी सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, ओडिशा के बौध जिले में बारिश बचने के लिए एक पेड़ के नीचे छिपे दो लड़के बिजली की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई। दोनों नाबालिग थे। पुलिस के अनुसार, दोनों लड़के क्रिकेट खेलने जा रहे थे, तभी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने लगी। इसलिए, उन्होंने एक पेड़ के नीचे शरण ले ली थी।
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अरुणाचल में बचाव अभियान जारी
अरुणाचल प्रदेश के केयी पान्योर जिले में अचानक आई बाढ़ के बाद लापता हुए चार लोगों की तलाश के लिए खोज अभियान तेज कर दिया गया है। बाढ़ के दौरान नीपको कॉलोनी से लापता हुए लोगों का पता लगाने के लिए बचाव दलों ने बांध की तरफ से राफ्ट (नाव) अभियान शुरू किया। बुधवार को ही एक 35 वर्षीय महिला का शव मिला था, जबकि 17 अन्य लोग घायल हुए थे। राज्य आपदा प्रबंधन सचिव दानी सुलु ने बताया कि यह खोज अभियान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों के कर्मियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है। राज्य के शेष हिस्से से जिले का संपर्क अभी कटा हुआ है।


