जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के करीब 45 ए ग्रेड आतंकी छिपे हैं। इनमें 36 आतंकी अमरनाथ यात्रा मार्ग पर बाधा पहुंचाने की फिराक में हैं। एम- 4 अमेरिकन कार्बाइन और स्टील बुलेट से लैस इन आतंकियों की ट्रेनिंग अफगानिस्तान फ्रंट पर हुई है। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए- ताइबा से जुड़े इन दहशतगर्दों को लोकल ओवर ग्राउंड वर्कर से मदद मिल रही है।
ये दहशतगर्द किसी भी तरह से यात्रा मार्ग के निकट तक न पहुंच सकें, इसके लिए सुरक्षा बलों ने अचूक तैयारी की है। यात्रा रूट के हर 1,000 मीटर पर सीएपीएफ जवानों की तैनाती की गई है। पहाड़ी क्षेत्रों व जंगलों के अलावा पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर ड्रोन के जरिये नजर रखी गई है। केंद्रीय खुफिया एजेंसी और जेएंडके में तैनात सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं, पाकिस्तान के आतंकी संगठनों की अमरनाथ यात्रा पर बुरी नजर रहती है। 36 ए ग्रेड आतंकियों के बारे में जो खुफिया इनपुट मिल रहे हैं, उसके मुताबिक पाकिस्तानी दहशतगर्द यात्रा मार्ग तक पहुंचना चाहते हैं। हालांकि सुरक्षा घेरा इतना मजबूत है कि आतंकी, यात्रा मार्ग तक नहीं पहुंच सकते।
मुख्य मददगार ओवर ग्राउंड वर्कर्स का लगाया जा रहा
जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर ओवर ग्राउंड वर्कर्स का पता लगाया जा रहा है। इसके लिए ऊपरी इलाकों में कई जगहों पर नियमित तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जैश- ए-मोहम्मद और लश्कर के मुखौटे संगठनों पर भी सुरक्षा बलों की पैनी नजर है। पिछले दिनों शोपियां में पुलिस ने तीन ओवर ग्राउंड वर्कर गिरफ्तार किए थे। उनके कब्जे से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। पाकिस्तानी आतंकियों के छिपने का ठिकाना पहाड़ियों पर बनी गुफाएं हैं।


