ब्रिटेन को सोमवार (20 जुलाई 2026) को नया प्रधानमंत्री मिल गया है. ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर एंडी बर्नहैम अब देश के नए प्रधानमंत्री होंगे. पिछले सप्ताह उन्हें सत्तारूढ़ लेबर पार्टी का नया नेता चुना गया था, जिसके बाद उन्होंने कीर स्टारमर की जगह ली है. अब वह जल्द ही आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट में कार्यभार संभालेंगे और अपनी नई टीम की घोषणा करेंगे.
एंडी बर्नहैम पिछले दस सालों में ब्रिटेन के छठे प्रधानमंत्री बने हैं. उनका सत्ता में आना ऐसे समय में हुआ है जब लेबर पार्टी राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है. हाल के महीनों में पार्टी की लोकप्रियता में गिरावट दर्ज की गई है और दक्षिणपंथी नेता निगेल फराज की पार्टी लगातार जनसमर्थन बढ़ा रही है. ऐसे में लेबर पार्टी को उम्मीद है कि नेतृत्व में बदलाव से पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी और जनता का भरोसा दोबारा हासिल किया जा सकेगा.
ये भी पढ़ें: ईरान की ऐसी वॉर्निंग सुनकर ट्रंप को भी लगेगा तगड़ा शॉक, अराघची बोले- ‘मौत का इंतजार कर रहे लोगों को…’
पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टारमर
पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने प्रधानमंत्री पद छोड़ने से पहले 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर अपना विदाई भाषण दिया. इसके बाद वह बकिंघम पैलेस पहुंचे, जहां उन्होंने किंग चार्ल्स तृतीय से मुलाकात कर औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया. ब्रिटेन की संवैधानिक परंपरा के अनुसार, राजा से मुलाकात के बाद एंडी बर्नहैम को सरकार बनाने का निमंत्रण मिला. इसके बाद वह 10 डाउनिंग स्ट्रीट पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपनी प्राथमिकताओं को सामने रखने की तैयारी की.
एंडी बर्नहैम की सबसे बड़ी जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री बनने के बाद एंडी बर्नहैम की सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपनी नई कैबिनेट का गठन करना होगी. पूरे दिन उनकी टीम में शामिल होने वाले मंत्रियों के नाम सामने आने की संभावना है. लेबर पार्टी के लिए यह बदलाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि एंडी बर्नहैम के नेतृत्व में वह जनता के बीच अपनी स्थिति मजबूत कर पाएगी और आगामी चुनावी चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकेगी.
ब्रिटेन में अगला आम चुनाव
ब्रिटेन में अगला आम चुनाव 2029 में होना है. पिछला आम चुनाव 2024 में हुआ था, इसलिए सामान्य परिस्थितियों में पांच साल बाद ही नया चुनाव होगा. ऐसे में 2029 से पहले प्रधानमंत्री बदलने का मतलब यह नहीं है कि पूरे देश में फिर से मतदान कराया जाएगा. पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने 22 जून को घोषणा की थी कि वह लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे रहे हैं. उनका कार्यकाल करीब दो साल का रहा, लेकिन इस दौरान उनकी सरकार कई विवादों और राजनीतिक गलतियों को लेकर आलोचनाओं का सामना करती रही. विशेष रूप से अमेरिका में ब्रिटेन के राजदूत के रूप में एक ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति को लेकर काफी विवाद हुआ, जिसके संबंध दिवंगत यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के करीबी दायरे से जोड़े गए थे.
ये भी पढ़ें: Iran Earthquake: भूकंप के तेज झटके से कांपी ईरान की धरती! रिक्टर स्केल पर मापी गई 5.5 की तीव्रता


