दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रभाव से पूर्वोत्तर भारत में हो रही मूसलाधार बारिश और उसके चलते आई बाढ़ ने तबाही मचा दी है। विशेषतौर पर असम बुरी तरह प्रभावित हुआ है, क्योंकि वहां अरुणाचल में बारिश से उफनती नदियों का पानी भी आ रहा है। अकेले असम में 45 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि दोनों राज्यों में सड़कें, पुल टूट गए हैं और रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात की और हालात का जायजा लिया। दूसरी तरफ, उत्तर-पश्चिम भारत में भीषण गर्मी, लू और उमस ने लोगों का जीना बेहाल कर दिया है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में 45.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है, जो देश में सबसे अधिक है। हालांकि, जुलाई के पहले हफ्ते से राहत की बारिश की उम्मीद है।
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असम के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, छह जिलों में करीब 45,500 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सबसे अधिक असर धेमाजी जिले में देखा गया है, जहां लगभग 41,000 लोग जलभराव और बाढ़ की चपेट में हैं। सेना ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे 27 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राज्य में 76,161 हजार से अधिक पशु प्रभावित हुए हैं। 257 गांव जलमग्न हो गए हैं। असम के साथ ही अरुणाचल में बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है। सड़क और रेल सेवा बाधित हुई है। अरुणाचल में तीन लोगों की जान भी चली गई है। लोअर दिबांग वैली जिले के डंबुक इलाके में सिसिरी नदी के बीच एक द्वीप पर फंसे चार लोगों को सोमवार को भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर से सुरक्षित बचा लिया गया। अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से अलग-अलग बात कर बाढ़ की मौजूदा स्थिति और नुकसान का जायजा लिया और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। साथ ही केंद्र की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया।
उत्तर-पश्चिम भारत में अभी सताएगी गर्मी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भीषण गर्मी के साथ बेचैन कर देने वाली उमस की स्थिति बनी हुई है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भी भीषण गर्मी महसूस की जा रही है। दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में सोमवार को पिछले दो वर्षों की सबसे गर्म सुबह दर्ज किया गया। लोगों को सुबह से ही गर्म हवाओं और चिपचिपी उमस का सामना करना पड़ा। आईएमडी ने इन राज्यों के साथ ही बिहार के कुछ हिस्सों में लू की चेतावनी जारी की है।
उत्तर-पश्चिम में पारा 42 डिग्री पार
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत में सोमवार को ज्यादातर जगहों पर अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। राजस्थान के श्रीगंगानगर में सर्वाधिक 45.1 डिग्री तापमान के साथ राज्य के फलोदी में 43.6, चुरू और बीकानेर प्रत्येक में 42.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, 2-8 जुलाई के बीच मानसून के दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अधिकांश हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद भीषण गर्मी और चिपचिपाती उमस से राहत की उम्मीद है।
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आंधी, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी
पंजाब, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान तथा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में भी इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है।
- इसके अलावा बिहार, झारखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, केरल, ओडिशा, तमिलनाडु और कर्नाटक के कई हिस्सों में भी गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी है।

