अमेरिका और ईरान के बीच हुई डील के सिर्फ 24 घंटे बाद ही हालात फिर से उलझते नजर आ रहे हैं. MoU पर हस्ताक्षर होने के बाद शुक्रवार 19 जून 2026 को जिनेवा में होने वाली अहम बैठक रद्द कर दी गई है. इस बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को शामिल होना था. पैलेस ऑफ वर्सेलिस में 18 जून को अमेरिका और ईरान के बीच MoU पर साइन हुए थे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भी इस पर साइन किए थे.
इस समझौते में होर्मुज स्ट्रेट, लेबनान और ईरान के परमाणु कार्यक्रम समेत कुल 14 अहम मुद्दों को शामिल किया गया था. इसमें युद्ध को तुरंत रोकने की बात भी कही गई थी. इस समझौते के बाद पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली थी, क्योंकि पिछले 3-4 महीनों से युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद था और इससे वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो रही थी. MoU के बाद उम्मीद जगी थी कि तेल संकट कम होगा, लेकिन सिर्फ 24 घंटे में ही दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ता दिखने लगा.
MoU की शर्तों को लागू करने पर चर्चा होनी थी
जिनेवा में 19 जून को MoU की शर्तों को लागू करने पर चर्चा होनी थी. समझौते के अनुसार अगले 60 दिनों के भीतर दोनों देशों के बीच एक फाइनल डील भी होनी है. इसके बाद ही माना जाएगा कि पश्चिम एशिया में युद्ध का संकट पूरी तरह खत्म हुआ है. अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख ने भी जिनेवा वार्ता में शामिल होने की बात कही थी, लेकिन बैठक से पहले ही ईरान ने प्रतिनिधिमंडल भेजने से इनकार कर दिया. ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह ने आरोप लगाया कि इजरायल ने MoU की पहली शर्त का उल्लंघन किया है. पहली शर्त के मुताबिक लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध रोकना था, लेकिन हिजबुल्लाह का कहना है कि इजरायल ने लेबनान में हमला कर समझौते की भावना को तोड़ा है. हालांकि, यह भी सच है कि एमओयू में इजरायल सीधे तौर पर शामिल नहीं था.
लेबनान पर इजरायल ने किया हमला
इजरायल का कहना है कि उसके हमले लेबनान पर नहीं, बल्कि वहां सक्रिय हिजबुल्लाह ठिकानों पर किए जा रहे हैं, लेकिन इन हमलों से आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंच रहा है. अमेरिका ने भी इजरायल की कार्रवाई पर चिंता जताई है. ईरान के जिनेवा नहीं पहुंचने का सीधा असर यह हुआ कि जेडी वेंस को भी अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी. इसके बाद स्विस सरकार को बैठक टालने का आधिकारिक बयान जारी करना पड़ा. अब अमेरिका-ईरान के बीच हुई डील पर सवाल उठने लगे हैं और स्थिति फिर अनिश्चित होती दिख रही है. इस बीच शहबाज शरीफ का जिनेवा दौरा भी रद्द हो गया. हालांकि पाकिस्तान को इस वार्ता में आधिकारिक निमंत्रण नहीं मिला था, फिर भी वह मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश करता दिख रहा था.
अमेरिका ने नेवल ब्लॉकेड हटा दिया
फिलहाल MoU के तहत अमेरिका ने ईरान पर लगाया गया नेवल ब्लॉकेड हटा दिया है. दूसरी ओर ईरान ने भी अगले 60 दिनों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोल दिया है ताकि फारस की खाड़ी में फंसे तेल टैंकर और अन्य जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो सके. समझौते की शर्तों के अनुसार अगले 60 दिनों में ओमान की मदद से ईरान एक नया सिस्टम तैयार करेगा, जिससे होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही और आसान हो सके.
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