ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने शुक्रवार को ईरान की अर्थव्यवस्था और खाद्य आवश्यकताओं पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप पर अमेरिका की घरेलू चुनौतियों को ईरान पर थोपने का आरोप लगाया। यह आरोप तब लगाया गया जब ट्रंप ने कहा कि अमेरिका संभावित राजनयिक सफलता के तहत ईरान को खाद्य पदार्थों का निर्यात करने की उम्मीद करता है।
अध्यक्ष गालिबाफ ने क्या कहा?
एक्स पर एक पोस्ट में गालिबाफ ने कहा, ‘जरा सोचिए, आपके अपने ही चालीस मिलियन से ज्यादा नागरिक फूड स्टैम्प पर निर्भर हैं और आप दूसरे देश को भूखा कह रहे हैं। यह कोई घोषणा नहीं है, यह तो बस एक अनुमान है। अपनी SNAP सलाह अपने पास रखिए।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमारी संपत्ति, हमारे विकल्प। कुपोषण की दर पर ध्यान दें।’
राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा?
ये टिप्पणियां तब आईं जब ट्रंप ने सीएनबीसी को दिए एक साक्षात्कार में दावा किया कि ईरान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह कमजोर हो गई है। ट्रंप ने कहा, ‘वहां 300 प्रतिशत महंगाई है, वे कोई कमाई नहीं कर रहे हैं।’ ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि वह ईरान को खाद्य पदार्थों का निर्यात करेगा। उन्होंने कहा, ‘उन्हें भोजन की आवश्यकता है। उन्हें मक्का, गेहूं और सोयाबीन की आवश्यकता है, और हम केवल अपने अमेरिकी किसानों के माध्यम से इसकी आपूर्ति करेंगे। बशर्ते हम उस स्थिति तक पहुंच जाएं जहां हमें पहुंचना चाहिए।”
क्या ईरान ने अमेरिका की सभी शर्तें मान ली?
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान ने चल रही राजनयिक वार्ता में लगभग सभी अमेरिकी शर्तों को मान लिया है। इसके साथ ही इस बात पर जोर दिया कि चर्चा का प्राथमिक उद्देश्य तेहरान को परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकना है। ट्रंप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि वे हमारी लगभग सभी जरूरतों पर सहमत हो गए हैं।’
क्या है एसएनएपी?
सीबीएस न्यूज के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम (एसएनएपी), जिसे फूड स्टैम्प के नाम से भी जाना जाता है। भुगतान संबंधी बंधी त्रुटियों के कारण अरबों डॉलर का नुकसान झेल रहा है। सीबीएस न्यूज के अनुसार, SNAP ने वित्त वर्ष 2025 के दौरान अमेरिकी परिवारों को 95.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का लाभ दिया। जिसका अर्थ है कि भुगतान त्रुटियों के कारण कार्यक्रम के कुल खर्च का लगभग दसवां हिस्सा हुआ।
वहीं, अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने उज्बेकिस्तान की संसद के अध्यक्ष के साथ अपनी बैठक के दौरान कहा कि अमेरिका को यह स्वीकार करना होगा कि ईरान के साथ इस्राइल-अमेरिका संघर्ष के बाद वास्तविकताएं बदल गई हैं। उन्होंने ने कहा, ‘हालात पहले से बेहतर हुए हैं। युद्ध के बाद के घटनाक्रमों ने अमेरिकियों को मौजूदा वास्तविकताओं को स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया है। ऐसे माहौल में व्यापारिक संबंधों को और आगे बढ़ाया जा सकता है। हमें उम्मीद है कि प्रतिबंध हटाने की नींव भी रखी जाएगी।’


